Indian Home Rule Society: पीएम नरेंद्र मोदी, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता और अन्य नेताओं ने महान क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर उन्हें याद किया। देश की आजादी और सम्मान के लिए उनके योगदान को नमन किया गया।

PM Narendra Modi Tribute: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम ने देश की आजादी और मातृभूमि के सम्मान की रक्षा में उनके योगदान को याद किया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा, "महान क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा को उनकी जयंती पर शत-शत नमन। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत माता को गुलामी की जंजीरों से मुक्त कराने में लगा दिया। मातृभूमि के सम्मान की रक्षा के लिए उन्होंने जो साहस और पराक्रम दिखाया, उसे देश कभी नहीं भूल सकता।"

नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी वर्मा को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने उन्हें "महान क्रांतिकारी और भारत माता का अमर सपूत" बताया।

गुप्ता ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत माता के अमर सपूत और महान क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।"

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने भी विदेश से भारत की आजादी के लिए वर्मा के योगदान को याद किया। उन्होंने लंदन में 'इंडिया हाउस' की स्थापना में उनकी भूमिका की तारीफ की।

राय ने एक्स पर लिखा, "महान स्वतंत्रता सेनानी श्यामजी कृष्ण वर्मा जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। विदेशी धरती पर रहते हुए भी उन्होंने भारत की आजादी के लिए लगातार संघर्ष किया। लंदन में ‘इंडिया हाउस’ बनाकर उन्होंने कई युवा क्रांतिकारियों को देश की सेवा और आजादी के लिए प्रेरित किया। उनका बलिदान, साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण हमेशा हम सभी देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा।"

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी वर्मा को एक स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी विचारक और विद्वान के रूप में याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

चौधरी ने कहा, "महान स्वतंत्रता सेनानी, राष्ट्रवादी विचारक और विद्वान श्यामजी कृष्ण वर्मा जी की जयंती पर शत-शत नमन। देश की आजादी और स्वाभिमान के लिए उनका समर्पण हमेशा यादगार और प्रेरणादायक रहेगा।"

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी उनकी जयंती पर उन्हें याद किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सिरसा ने कहा, "महान क्रांतिकारी और राष्ट्रवादी विचारक श्री श्यामजी कृष्ण वर्मा जी की जयंती पर सादर नमन। भारत माता की आजादी के लिए आपका संघर्ष, बलिदान और देशभक्ति हम सभी को हमेशा प्रेरित करती रहेगी।"

कौन थे श्यामजी कृष्ण वर्मा?

गुजरात के मांडवी में जन्मे श्यामजी कृष्ण वर्मा एक महान क्रांतिकारी, वकील, पत्रकार और संस्कृत के विद्वान थे। उन्होंने यूरोप में रहकर भारत की आजादी के लिए काम किया। साल 1905 में उन्होंने लंदन में 'इंडियन होम रूल सोसाइटी', 'इंडिया हाउस' और मासिक पत्रिका 'द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट' की शुरुआत की थी।

बाद में 'इंडिया हाउस' ब्रिटेन में भारतीय राष्ट्रवादियों और क्रांतिकारियों का एक अहम ठिकाना बन गया। इसने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े युवा भारतीयों को एक बड़ा मंच दिया। वर्मा संस्कृत के भी बड़े विद्वान थे। यूरोप जाने और खुद को भारत की आजादी के लिए समर्पित करने से पहले, उन्होंने कई रियासतों में दीवान के रूप में भी काम किया था।

क्रांति तीर्थ स्मारक और उनकी विरासत

कच्छ के मांडवी में 'क्रांति तीर्थ' में उनकी विरासत को संजोकर रखा गया है। इस स्मारक में लंदन के ऐतिहासिक 'इंडिया हाउस' की हूबहू नकल बनाई गई है। यहां वर्मा और उनकी पत्नी भानुमती की अस्थियां भी रखी गई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब वह 55 साल बाद स्विट्जरलैंड से उनकी अस्थियां वापस लाए थे। बाद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ इन अस्थियों को 'क्रांति तीर्थ' में स्थापित किया गया।

इस स्मारक में 'वीरांजलि गैलरी', इंडिया हाउस का एक मॉडल और एक फोटो गैलरी है, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम में वर्मा के योगदान को दिखाती है।