न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में जब टीम इंडिया मुश्किल में थी, तब तिलक वर्मा ने नाबाद 51 रन की पारी खेलकर भारत को 4 विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। लेकिन क्या आप जानते हैं कि टीम इंडिया के इस स्टार के पिता इलेक्ट्रीशियन हैं और एक कोच की मदद ने उनकी जिंदगी बदलने में बड़ा योगदान दिया?
न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में जब भारतीय टीम मुश्किल में फंस गई, तब तिलक वर्मा ने नाबाद 51 रन की पारी खेलकर भारत को 4 विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। भारत ने 181 रन का लक्ष्य हासिल कर पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली। लेकिन तिलक की इस कामयाबी के पीछे सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि परिवार का संघर्ष, कोच का साथ और कई ऐसे किस्से हैं, जो बहुत कम लोग जानते हैं।
1. पिता इलेक्ट्रीशियन, मां हाउस वाइफ
तिलक वर्मा का जन्म 8 नवंबर 2002 को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता नंबूरी नागराजू इलेक्ट्रीशियन हैं, जबकि मां गायत्री देवी घर संभालती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने उनके क्रिकेट के सपने को पूरा करने में साथ दिया।
2. क्रिकेट किट खरीदने के लिए पिता ने लिया कर्ज
तिलक ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता क्रिकेट के महंगे बैट खरीदने के लिए कर्ज तक लेते थे। बैट जल्दी टूट जाते थे, लेकिन पिता ने बेटे की जरूरतों को पूरा करने से इनकार नहीं किया।
3. बचपन में टेनिस बॉल से खेलते थे क्रिकेट
तिलक को बचपन से क्रिकेट का शौक था। वह हैदराबाद में टेनिस बॉल से खेलते थे। इसी दौरान कोच सलाम बायाश की नजर उन पर पड़ी और उन्होंने तिलक की प्रतिभा पहचान ली।
4. कोच ने फीस नहीं ली, क्रिकेट का खर्च भी उठाया
जब कोच को पता चला कि तिलक का परिवार अकादमी का खर्च नहीं उठा सकता, तो उन्होंने मदद का भरोसा दिया। कोच ने ट्रेनिंग के साथ क्रिकेट का सामान दिलाने में भी सहायता की।
5. रोजाना लंबा सफर करके जाते थे ट्रेनिंग पर
तिलक को अभ्यास के लिए काफी दूर जाना पड़ता था। वह सुबह जल्दी उठकर ट्रेनिंग के लिए निकलते थे। कई बार बस से लंबा सफर करना पड़ता था और क्रिकेट किट साथ ले जाने में भी परेशानी होती थी।
6. पढ़ाई और क्रिकेट को साथ संभालना आसान नहीं था
तिलक ने हैदराबाद में स्कूली शिक्षा हासिल की। शुरुआती दिनों में उन्हें पढ़ाई और क्रिकेट की ट्रेनिंग के बीच संतुलन बनाना पड़ता था। बाद में उनका पूरा ध्यान क्रिकेट में करियर बनाने पर केंद्रित हो गया।
7. बड़े भाई भी खेल से जुड़े रहे
तिलक के बड़े भाई तरुण वर्मा बैडमिंटन खेलते थे। तिलक ने बताया है कि परिवार में खेल के लिए जरूरी सामान जुटाना आसान नहीं था। ऐसे माहौल में दोनों भाइयों की खेलों में दिलचस्पी परिवार के लिए बड़ी चुनौती भी थी।
8. सुरेश रैना को मानते थे अपना आदर्श
तिलक बचपन में पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना को पसंद करते थे। कोच ने उन्हें IPL मैच में बॉल बॉय बनने का मौका दिलाया, जहां उनकी मुलाकात रैना से हुई। रैना से मिलने के बाद तिलक ने घर जाकर देर रात तक बल्लेबाजी का अभ्यास किया।
9. IPL में मिली पहली बड़ी पहचान
मुंबई इंडियंस ने 2022 की नीलामी में तिलक को 1.7 करोड़ रुपये में खरीदा। IPL में उनके प्रदर्शन ने उन्हें पहचान दिलाई और आगे चलकर भारतीय टीम में जगह बनाने का रास्ता खुला।
10. दबाव में खेलने की आदत संघर्ष से बनी
तिलक ने बताया था कि करियर की शुरुआत में उन्हें टीम में मौका पाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। कई बार निराशा भी मिली, लेकिन उन्होंने अभ्यास जारी रखा। न्यूजीलैंड के खिलाफ 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन की पारी में भी उनका यही धैर्य दिखाई दिया। भारत की जीत में उनकी भूमिका बेहद अहम रही।

