PM Modi IIT Delhi: भारत के राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत एक नया सुपरकंप्यूटर 'परम प्रवेग' तैयार किया गया है. C-DAC द्वारा विकसित इस मशीन की क्षमता 3.3 पेटाफ्लॉप्स है, यानी यह एक सेकेंड में 3300 खरब गणनाएं कर सकता है. खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज IIT दिल्ली में इसका उद्घाटन करेंगे.
PM Modi Supercomputer Launch: भारत की तकनीकी क्षमता में एक और बड़ा अध्याय जुड़ गया है। देश को 'परम प्रवेग' (Param Pravega) के रूप में एक नया और बेहद शक्तिशाली सुपरकंप्यूटर मिला है। मिली जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली में इस सुपरकंप्यूटर को लॉन्च करेंगे।
यह सुपरकंप्यूटर भारत सरकार के महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन (National Supercomputing Mission) का हिस्सा है। इसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने पूरी तरह से देश में ही विकसित किया है। यह मिशन भारत को सुपरकंप्यूटिंग के क्षेत्र में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल करने के लक्ष्य के साथ काम कर रहा है।
कितनी है 'परम प्रवेग' की ताकत?
किसी भी सुपरकंप्यूटर की पहचान उसकी गणना करने की क्षमता से होती है। इस मामले में 'परम प्रवेग' का प्रदर्शन शानदार है. इसकी पीक कंप्यूटिंग क्षमता 3.3 पेटाफ्लॉप्स है।
अब सवाल उठता है कि इस आंकड़े का मतलब क्या है? आसान भाषा में समझें तो यह सुपरकंप्यूटर एक सेकेंड में 3.3 करोड़ अरब यानी लगभग 3300 खरब (3.3 quadrillion) कैलकुलेशन करने में सक्षम है। यह विशाल क्षमता इसे जटिल वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग समस्याओं को सुलझाने के लिए एक बेहद शक्तिशाली मशीन बनाती है।
C-DAC की एक और बड़ी कामयाबी
'परम प्रवेग' का विकास C-DAC की विशेषज्ञता और भारत की आत्मनिर्भर होती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है। यह संस्था लंबे समय से भारत में सुपरकंप्यूटर के विकास और निर्माण का नेतृत्व कर रही है। राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के तहत देश के अलग-अलग प्रतिष्ठित संस्थानों में ऐसे कई कंप्यूटर स्थापित किए जा रहे हैं।
'परम प्रवेग' की स्थापना से देश के शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों को अपने काम में तेजी लाने में बड़ी मदद मिलेगी। ज़ाहिर है, यह भारत के 'मेक इन इंडिया' और 'डिजिटल इंडिया' जैसे कार्यक्रमों को भी मजबूती देगा।
