Somnath Temple history: पीएम मोदी ने 'मन की बात' में गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर और सोमनाथ मंदिर के 1000 साल पुराने इतिहास का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे इन मंदिरों को तोड़ा गया और फिर से बनाया गया। साथ ही मोढेरा के देश का पहला 24x7 सोलर गांव बनने की भी तारीफ की।

Modhera Sun Temple: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को गुजरात के मोढेरा सूर्य मंदिर के हजार साल पुराने इतिहास को याद किया। उन्होंने बताया कि कैसे विदेशी हमलों में इसे तोड़ा गया और फिर से इसका निर्माण हुआ। इसके साथ ही पीएम ने मोढेरा के भारत का पहला 24x7 सोलर गांव बनने की कहानी भी साझा की।

तबाही और फिर से उठ खड़े होने की कहानी

अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 138वें एपिसोड में पीएम मोदी ने सोमनाथ और मोढेरा के सूर्य मंदिर के ऐतिहासिक महत्व पर बात की। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे महमूद गजनवी के हमलों के दौरान इन दोनों जगहों को निशाना बनाया गया था।

पीएम मोदी ने मंदिरों के दोबारा बनने की कहानी को भारत की कभी हार न मानने वाली भावना से जोड़ा। उन्होंने खास तौर पर राजा भीमदेव प्रथम का जिक्र किया, जिन्होंने मोढेरा सूर्य मंदिर को फिर से बनवाया था। उन्होंने यह भी बताया कि लगातार हमलों के बावजूद सोमनाथ मंदिर को बार-बार कैसे खड़ा किया गया।

पीएम ने कहा, "राजा भीमदेव प्रथम ने न सिर्फ गजनवी की सेना का डटकर सामना किया, बल्कि बहुत कम समय में मोढेरा सूर्य मंदिर का दोबारा निर्माण भी करा दिया। इसी जज्बे की वजह से बार-बार तोड़े जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर हर बार फिर से बनकर तैयार हुआ।"

उन्होंने आगे कहा, "साल 1026 में जब गजनवी ने सोमनाथ को तोड़ा था, उसी साल गुजरात के मशहूर मोढेरा सूर्य मंदिर पर भी हमला कर उसे तबाह कर दिया गया था। इसका मतलब है कि मोढेरा मंदिर को टूटे हुए भी एक हजार साल बीत चुके हैं, जबकि तब यह मंदिर बने हुए सिर्फ एक साल ही हुआ था। राजा भीमदेव ने इसे 1025 में बनवाया था।"

ऐतिहासिक धरोहर से 'सूर्य ग्राम' तक का सफर

पीएम मोदी ने बताया कि सूर्य मंदिर ने अलाउद्दीन खिलजी के दौर में भी कई हमले झेले, लेकिन इस जगह की ऐतिहासिक विरासत और सूर्य देव के प्रति आस्था सदियों तक कायम रही। उन्होंने कहा कि यही जज्बा आज मोढेरा के भारत का पहला 'सूर्य ग्राम' (सोलर गांव) बनने में भी नजर आता है।

पीएम मोदी ने साल 2022 में इस सोलर गांव प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी। तब से लेकर अब तक मोढेरा गांव के स्तर पर रिन्यूएबल एनर्जी (सौर ऊर्जा) के इस्तेमाल का एक बेहतरीन उदाहरण बन चुका है।

पीएम मोदी ने कहा, "मोढेरा अब पूरी तरह से सौर ऊर्जा पर चलता है, जो पूरे देश के लिए एक मिसाल है। यहां पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाएं और आकर्षण भी जोड़े गए हैं। मकर संक्रांति के बाद जनवरी में यहां मोढेरा डांस फेस्टिवल होता है, जिसमें भारत के सांस्कृतिक और शास्त्रीय नृत्यों की शानदार झलक देखने को मिलती है। मैं आप सभी से गुजारिश करूंगा कि कम से कम एक बार मोढेरा जरूर जाएं और भारत की इस शानदार विरासत को करीब से देखें।"

सभ्यता की निरंतरता का जश्न

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में 8 से 11 जनवरी तक 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' मनाया गया। यह आयोजन जनवरी 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले बड़े हमले के 1,000 साल पूरे होने पर किया गया था। इस कार्यक्रम का मकसद सिर्फ तबाही को याद करना नहीं था, बल्कि इसे भारत के जज्बे, आस्था और सभ्यता की निरंतरता को श्रद्धांजलि देने के तौर पर मनाया गया।

सदियों तक हमलों के बाद सोमनाथ मंदिर को कई बार फिर से बनाया गया। इसमें कई राजाओं और भक्तों ने अपना योगदान दिया। सोमनाथ मंदिर का इतिहास टूटने और फिर से खड़े होने की कहानियों से भरा पड़ा है। इसमें सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में हुआ जीर्णोद्धार और 1951 में नए मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा भी शामिल है।

मोढेरा का सूर्य मंदिर 11वीं सदी में चालुक्य वंश के राजा भीमदेव प्रथम के शासनकाल में बना था। अब इस मंदिर परिसर में नियमित पूजा नहीं होती है और यह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की देखरेख में एक संरक्षित स्मारक है।