PM Modi France Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे का प्रमुख उद्देश्य क्या है? G7 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी किन वैश्विक मुद्दों पर भारत का पक्ष रख सकते हैं? स्लोवाकिया की यात्रा को भारत के लिए ऐतिहासिक क्यों माना जा रहा है?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 19 जून 2026 तक फ्रांस और स्लोवाकिया की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में भी हिस्सा लेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं होगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश और रणनीतिक साझेदारी जैसे अहम मुद्दों पर भारत की भूमिका को भी मजबूत करेगा।

फ्रांस में मैक्रों के साथ होगी अहम मुलाकात
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे की शुरुआत फ्रांस से करेंगे, जहां उनकी मुलाकात फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से होगी। दोनों नेता भारत-फ्रांस विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे। हाल के वर्षों में रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हुआ है। बैठक में भविष्य की रणनीतिक योजनाओं और नई साझेदारियों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
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'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम से स्टार्टअप सेक्टर को मिलेगा नया मंच
फ्रांस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण "भारत इनोवेट्स" कार्यक्रम होगा। यह मंच भारत, फ्रांस और अन्य साझेदार देशों के स्टार्टअप्स, निवेशकों और वेंचर कैपिटल फंड्स को एक साथ लाएगा। कार्यक्रम का आयोजन भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तहत किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य तकनीक, उद्यमिता और निवेश के क्षेत्र में नए अवसर पैदा करना है।
स्लोवाकिया में रचेंगे इतिहास, पहली बार पहुंचेगा कोई भारतीय प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी का स्लोवाकिया दौरा ऐतिहासिक माना जा रहा है। 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह पहली बार होगा जब कोई भारतीय प्रधानमंत्री वहां आधिकारिक यात्रा पर जाएगा। यह यात्रा स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के निमंत्रण पर हो रही है और दोनों देशों के संबंधों में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
व्यापार और निवेश बढ़ाने पर रहेगा फोकस
स्लोवाकिया में प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से होगी। बैठकों में व्यापार, निवेश, विनिर्माण, ऑटोमोबाइल और रेलवे सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
G7 शिखर सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर रखेंगे भारत का पक्ष
16 और 17 जून को प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वैश्विक आर्थिक सुधार, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा होगी। भारत भले ही G7 का सदस्य नहीं है, लेकिन दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच उसकी बढ़ती भूमिका के कारण उसे लगातार इस मंच पर आमंत्रित किया जाता रहा है।
दुनिया के कई नेताओं से होगी अलग-अलग मुलाकात
G7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। इन मुलाकातों में व्यापार, सुरक्षा, निवेश, ऊर्जा और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। कूटनीतिक जानकारों के अनुसार, ऐसे मंच भारत को अपने हितों को वैश्विक स्तर पर प्रभावी ढंग से रखने का अवसर देते हैं।
VivaTech Summit में दिखेगा भारत का टेक्नोलॉजी विजन
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी पेरिस में आयोजित VivaTech Summit में हिस्सा लेंगे। यह यूरोप का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप कार्यक्रम माना जाता है। यहां दुनिया भर की प्रमुख टेक कंपनियां, निवेशक और नवाचार क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होते हैं। प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी नवाचारों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित कर सकता है।
भारतीय समुदाय से भी करेंगे संवाद
फ्रांस में रहने वाले भारतीय समुदाय के साथ प्रधानमंत्री मोदी का संवाद भी कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। विदेशों में बसे भारतीयों से जुड़ाव भारत की कूटनीति का अहम पहलू माना जाता है और ऐसे कार्यक्रम दोनों देशों के सामाजिक संबंधों को भी मजबूत करते हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह दौरा?
यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी, स्लोवाकिया के साथ नए संबंधों का विस्तार और G7 जैसे प्रभावशाली मंच पर भागीदारी भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अहमियत को दर्शाती है। साथ ही, नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश और सतत आर्थिक विकास जैसे विषय इस यात्रा को केवल कूटनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण बनाते हैं।
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