पीएम सूर्य घर योजना के तहत उत्तर प्रदेश में 3.57 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम लगे हैं। इससे बिजली बिल में 60–90% तक कमी, हर दिन 50 लाख यूनिट ग्रीन बिजली उत्पादन और कार्बन उत्सर्जन में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वच्छ ऊर्जा और हरित विकास की दिशा में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। केंद्र सरकार की प्रमुख पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के सफल और प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश देश के अग्रणी सौर ऊर्जा राज्यों में शामिल हो गया है। राष्ट्रीय पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार देशभर से अब तक 58.36 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अकेले उत्तर प्रदेश से 10.94 लाख से ज्यादा आवेदन दर्ज किए गए हैं। यह प्रदेश के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और सौर ऊर्जा पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

3.57 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम स्थापित

योगी सरकार की दूरदर्शी नीतियों और यूपीनेडा तथा बिजली वितरण कंपनियों के समन्वित प्रयासों से प्रदेश में अब तक 3,57,879 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश की कुल स्थापित सौर क्षमता बढ़कर 1,227.05 मेगावाट तक पहुंच गई है। योजना के तहत उपभोक्ताओं को अब तक ₹2,440.62 करोड़ की केंद्रीय सब्सिडी और करीब ₹600 करोड़ की राज्य सब्सिडी प्रदान की जा चुकी है।

उपभोक्ताओं को सीधा लाभ, बिजली बिल में बड़ी बचत

पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत लगाए गए रूफटॉप सोलर सिस्टम से आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिल रहा है। बिजली बिल में 60 से 90 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। उपभोक्ताओं को औसतन ₹1,500 से ₹3,000 प्रति माह की बचत हो रही है। इसके साथ ही 25 वर्षों तक कम लागत पर स्वच्छ बिजली, नेट मीटरिंग के जरिए अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हो रही हैं।

हर दिन 50 लाख यूनिट से अधिक ग्रीन बिजली उत्पादन

प्रदेश में प्रतिदिन 50 लाख यूनिट से अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इससे बिजली वितरण कंपनियों पर पीक डिमांड का दबाव कम हुआ है और ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक स्थिर और मजबूत बनी है। यह पहल उत्तर प्रदेश को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस आधार तैयार कर रही है।

पर्यावरण संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन में कमी

पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से उत्तर प्रदेश में हर वर्ष 13 से 15 लाख टन CO₂ उत्सर्जन में कमी आ रही है। कोयला आधारित बिजली पर निर्भरता घटने से वायु प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है। यह कदम भारत के नेट-ज़ीरो 2070 लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

डिजिटल और हरित ऊर्जा इकोसिस्टम की तैयारी

योगी सरकार भविष्य में पीएम सूर्य घर योजना को यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस (UEI) आधारित डिजिटल ऊर्जा ढांचे से जोड़ने की दिशा में कार्य कर रही है। इसके तहत सौर उत्पादन, स्मार्ट मीटरिंग, नेट मीटरिंग, कार्बन डेटा और भुगतान प्रणालियों को बैंकिंग व वित्तीय सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे ईवी चार्जिंग, ग्रीन फाइनेंस, कार्बन क्रेडिट ट्रैकिंग और ऊर्जा आधारित वित्तीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ईयू-इंडिया एफटीए और सीबीएएम के संदर्भ में यह पहल प्रदेश के एमएसएमई और निर्यातकों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को भी मजबूत करेगी।