चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने एक बड़ा फैसला लिया है। बिहार चुनाव में करारी हार के बाद अब वह अगले विधानसभा चुनाव तक पटना के एक आश्रम में रहेंगे। उन्होंने अपना घर खाली कर दिया है और बिहार नवनिर्माण आश्रम को अपना नया ठिकाना बनाया है।
पटना: चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब वह अगले विधानसभा चुनाव तक एक आश्रम में रहेंगे। बिहार के दरभंगा में मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने यह ऐलान किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले चुनाव में उनकी पार्टी 'जन सुराज' ज़रूर असर दिखाएगी। प्रशांत किशोर ने कहा, "मैंने पिछली रात पटना में अपना घर खाली कर दिया है। अब अगले विधानसभा चुनाव तक IIT पटना के पास मौजूद बिहार नवनिर्माण आश्रम ही मेरा ठिकाना होगा। मुझे उम्मीद है कि उस चुनाव में जन सुराज पार्टी एक बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।"

आपको बता दें कि प्रशांत किशोर अब तक पटना एयरपोर्ट के पास शेखपुरा हाउस में रह रहे थे। यह घर जन सुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह के परिवार का है। प्रशांत किशोर का यह फैसला पिछले विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद आया है। उनकी जन सुराज पार्टी ने 243 में से 238 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। पार्टी के ज़्यादातर उम्मीदवारों की तो ज़मानत तक ज़ब्त हो गई थी, क्योंकि उन्हें कुल वोटों का छठा हिस्सा भी नहीं मिला। कई सीटों पर तो जन सुराज के उम्मीदवारों को NOTA से भी कम वोट मिले। हालांकि, प्रशांत किशोर ने खुद चुनाव नहीं लड़ा था।
नीतीश कुमार पर साधा निशाना
इस दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने नीतीश कुमार के बेटे को स्वास्थ्य मंत्री बनाए जाने पर सवाल उठाए। पीके ने आरोप लगाया कि बिहार के नेता सालों से चले आ रहे पलायन जैसे गंभीर मुद्दों को सुलझाने के बजाय अपने परिवार के लोगों का राजनीतिक भविष्य सेट करने में लगे हैं।
प्रशांत किशोर ने वोटरों से भी अपील की। उन्होंने कहा कि लोग जाति, धर्म या पैसे के लालच में वोट न दें, बल्कि अपने और अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखकर वोट करें। उन्होंने कहा, "जब आप वोट देने जाएं, तो अपने बच्चों के भविष्य के बारे में ज़रूर सोचें।"
