9 जनवरी प्रवासी भारतीय दिवस पर IFS अधिकारी प्रतीक माथुर ने चीन के हांग्जो में ‘बनारस’ इंडियन रेस्टोरेंट का उद्घाटन किया। महिला उद्यमियों की इस पहल ने भारतीय स्वाद, AI, निवेश, पर्यटन और ‘मेड इन इंडिया’ नवाचार को वैश्विक मंच पर मजबूती दी।

Pravasi Bhartiya Divas: 9 जनवरी को हर साल प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। इसे सेलिब्रेट करते हुए भारतीय विदेश सेवा अधिकारी प्रतीक माथुर ने चीन में हांग्जो के रीजनल टूरिज्म और उभरते AI हब का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बनारस (Benares) नाम के इंडियन रेस्टोरेंट का उद्घाटन किया। इस रेस्टोरेंट को इंडियन महिला एंटरप्रेन्योर मोना बापना और रजनी अग्रवाल ने सभ्यता की विरासत और मूल्यों को याद करने के लिए शुरू किया।

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टूरिज्म के साथ ही रोजगार के अवसर

ईस्टर्न चाइना रीजन के हॉस्पिटैलिटी और टूरिज्म लैंडस्केप में यह शानदार रेस्टोरेंट असली इंडियन स्वाद दिखाता है। इसके साथ ही यह ट्रेड, इन्वेस्टमेंट और टूरिज्म संबंधों को बढ़ावा देने और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के मौके पैदा करने में अहम भूमिका निभाता है।

भारतीय प्रवासी युवा थॉट लीडर्स से रूबरू हुए कॉन्सुल जनरल प्रतीक माथुर

हांग्जो विजिट के दौरान शंघाई में भारत के कॉन्सुल जनरल प्रतीक माथुर ने भारतीय समुदाय के लोगों और AI-टेक-नेक्स्ट जेनरेशन स्टार्टअप्स के लिए काम करने वाले भारतीय प्रवासी युवा थॉट लीडर्स से भी बातचीत की। उन्होंने अलग-अलग सेक्टर्स में बदलाव लाने और 'मेड इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड' AI सॉल्यूशंस में योगदान देने के लिए उनके इनोवेटिव काम की तारीफ की।

क्या है बनारस रेस्टोरेंट की खासियत?

बनारस रेस्टोरेंट जैसी महिला और युवा प्रवासी पहल महिलाओं की लीडरशिप वाले इनोवेटिव डायस्पोरा वेंचर्स के लिए एक खास जगह बनी हुई है, जो 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की सबसे अच्छी चीजें दिखाती है। उदाहरण के लिए, इस रेस्टोरेंट में जहा मैनेजमेंट संभालने वाली टीम पश्चिम भारत से है, वहीं कंपनी में काम करने वाले शेफ की टीम उत्तराखंड, यूपी, केरल और तमिलनाडु सहित देश के उत्तर और दक्षिण भारत से है। यह हमारी मातृभूमि के हर एक कोने से हमारी ताकत को दिखाती है, ताकि दुनिया नए भारत को उभरते हुए देख सके।