पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस में हर दिन नया खुलासा हो रहा है। पुलिस का दावा है कि सिया और चेतन ने हत्या से पहले कई प्लान बनाए, ऑनलाइन सर्च किए और रिहर्सल भी किया। क्या यह हादसा नहीं, महीनों से रची गई साजिश थी? जानिए पुलिस जांच के हैरान करने वाले सनसनीखेज खुलासे।

पुणे: महाराष्ट्र के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की वादियों में जो वाकया पहले एक दुखद हादसा नजर आ रहा था, वह अब ठंडे दिमाग से की गई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या की साजिश में बदल चुका है। 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत की गुत्थी सुलझाते हुए पुणे ग्रामीण पुलिस ने जो खुलासे किए हैं, उन्होंने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस जांच में साफ हो चुका है कि 18 जून को केतन का पैर फिसला नहीं था, बल्कि उन्हें उनकी ही मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने मिलकर खाई में धकेला था।

सगाई की अंगूठी और बेवफाई का खूनी खेल

जांच में सामने आया है कि केतन और सिया की सगाई इसी साल 19 फरवरी को हुई थी और जल्द ही दोनों की शादी होने वाली थी। केतन नए जीवन के सपने बुन रहे थे, लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि सिया अक्टूबर 2025 से ही चेतन चौधरी नामक युवक के साथ सीक्रेट रिलेशनशिप में थी। सिया यह शादी बिल्कुल नहीं करना चाहती थी। अपने रास्ते से केतन को हमेशा के लिए हटाने के लिए उसने और चेतन ने मिलकर एक ऐसा खौफनाक प्लान तैयार किया, जिसे सुनकर पुलिस अफसर भी हैरान हैं।

डिजिटल सबूत: जहर, मर्डर और गूगल सर्च की हिस्ट्री

पुणे ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों के अनुसार, केतन को मौत के घाट उतारने से पहले दोनों आरोपियों ने कई दिनों तक प्लानिंग की थी। जांचकर्ताओं को पता चला है कि सिया और चेतन ने इंटरनेट पर हत्या करने के अलग-अलग तरीकों को घंटों सर्च किया था। उनके फोन और कंप्यूटर की सर्च हिस्ट्री से खुलासा हुआ है कि उन्होंने ऑनलाइन यह भी ढूंढा था कि किसी को ज़हर देकर कैसे मारा जाए और सबसे अहम बात-मर्डर को एक 'इत्तेफाक या हादसा' कैसे साबित किया जाए। इसके अलावा, दोनों ने कई ऐसे वीडियो भी देखे थे जिसमें अपराध के बाद पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के तरीके बताए गए थे।

सुपारी किलर से लेकर हाथ-पैर तोड़ने की खौफनाक प्लानिंग

पुलिस का कहना है कि लोहागढ़ किले से धक्का देने का फैसला आखिरी था, लेकिन इससे पहले दोनों ने केतन को खत्म करने के कई बर्बर विकल्पों पर चर्चा की थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक समय सिया और चेतन किसी तीसरे व्यक्ति यानी सुपारी किलर को काम पर रखने के बारे में सोच रहे थे। वे चाहते थे कि कोई भाड़े का हत्यारा केतन पर जानलेवा हमला करे, उसके हाथ-पैर तोड़ दे या फिर उसका काम तमाम कर दे। जब बात नहीं बनी, तो उन्होंने खुद ही इस वारदात को अंजाम देने का फैसला किया।

मर्डर का 'लाइव रिहर्सल' और वो आखिरी धक्का

यह कोई अचानक गुस्से में उठाया गया कदम नहीं था। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने से पहले सिया और चेतन ने बकायदा लोहागढ़ किले का दौरा किया था। उन्होंने वहां रेकी की और उस सटीक जगह की तलाश की जहां से धक्का देने पर बचने की कोई गुंजाइश न रहे। हाल ही में हुए क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान इस मर्डर मिस्ट्री की आखिरी कड़ियां भी जुड़ गईं। पुलिस ने जब फाइबर डमी का इस्तेमाल कर सीन को दोबारा क्रिएट किया, तो आरोपी चेतन चौधरी ने टूटकर विस्तार से बताया कि उसने केतन को किस तरह चट्टान के किनारे ले जाकर गहरी खाई में धक्का दिया था।

क्राइम सीन रीक्रिएशन में क्या सामने आया?

जांच को मजबूत करने के लिए पुलिस ने घटनास्थल पर क्राइम सीन का रीक्रिएशन कराया। इस दौरान फाइबर डमी का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, चेतन चौधरी ने कथित तौर पर बताया कि घटना के समय क्या हुआ और किस तरह केतन को चट्टान से नीचे धक्का दिया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य घटनाओं के क्रम की पुष्टि करना और उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान करना था। हालांकि अंतिम निष्कर्ष अदालत में पेश किए जाने वाले सबूतों पर निर्भर करेगा।

एक सगाई... और फिर रिश्तों का उलझा हुआ सच

पुलिस जांच के अनुसार, केतन अग्रवाल और सिया गोयल की सगाई 19 फरवरी को हुई थी और इसी वर्ष दोनों की शादी प्रस्तावित थी। लेकिन जांच में यह आरोप सामने आया है कि सिया कथित तौर पर अक्टूबर 2025 से चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और वह यह शादी नहीं करना चाहती थी। इसी कथित प्रेम संबंध को पुलिस हत्या के संभावित मकसद के रूप में देख रही है। हालांकि इस संबंध में अदालत में आरोप अभी साबित होना बाकी है और आरोपी दोषी तब तक नहीं माने जाते जब तक न्यायालय ऐसा घोषित न करे।

अदालत का शिकंजा और जेल की सलाखें

फिलहाल, इस सनसनीखेज हत्याकांड के दोनों मुख्य आरोपी-सिया गोयल और चेतन चौधरी-पुणे की यरवदा सेंट्रल जेल में बंद हैं। गुरुवार (16 जुलाई) को पुणे की एक अदालत ने मामले की गंभीरता और पुलिस के पास मौजूद पुख्ता सबूतों को देखते हुए दोनों की न्यायिक हिरासत और 14 दिनों के लिए बढ़ा दी है। पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल फोरेंसिक रिपोर्ट्स आने के बाद इस केस में आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलना तय है।

क्या अभी और खुलेंगे इस मर्डर मिस्ट्री के राज?

केतन अग्रवाल की मौत अब केवल एक कथित हत्या का मामला नहीं रह गई है, बल्कि यह जांच एजेंसियों के लिए एक जटिल मर्डर मिस्ट्री बन चुकी है। पुलिस के अब तक के दावे संकेत देते हैं कि घटना कथित तौर पर लंबे समय से बनाई जा रही योजना का हिस्सा हो सकती थी। हालांकि, इन सभी दावों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और अदालत में पेश होने वाले सबूतों के आधार पर ही होगी। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस हाई-प्रोफाइल केस से जुड़े और भी महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना बनी हुई है।