पुणे के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मौत को अब पुलिस कथित हत्या मान रही है। जांच में दावा है कि मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने शादी के दबाव और रिश्ते के कारण साजिश रची। दोनों गिरफ्तार हैं, जांच जारी है।

पुणे: महाराष्ट्र के पुणे से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने शादी जैसे पवित्र रिश्ते और इंसानी भरोसे को तार-तार कर दिया है। सक्सेस ग्रुप (रियल एस्टेट बिजनेस) के डायरेक्टर और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर केतन अग्रवाल की मौत, जिसे शुरुआत में एक दुखद ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था, वह असल में एक बेहद खौफनाक और सोची-समझी हत्या की साजिश निकली। 18 जून को लोहागढ़ किले की 400 फीट गहरी खाई में गिरकर हुई केतन की मौत के मामले में पुलिस ने जब कड़ियां जोड़ीं, तो सच देखकर खुद जांचकर्ता भी सन्न रह गए। केतन की मंगेतर सिया गोयल ने ही अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 29 जून तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।

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शादी के लिए करोड़ों का महल बुक…पर मन में पल रहा था 'कातिलाना' मंसूबा

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में सबसे चौंकाने वाला खुलासा सिया गोयल के मकसद को लेकर हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सिया इस शादी के लिए मानसिक रूप से बिल्कुल तैयार नहीं थी। दोनों परिवारों के दबाव में आकर उसने केतन का मैरिज प्रपोजल तो स्वीकार कर लिया था, लेकिन वह इस रिश्ते से छुटकारा पाना चाहती थी। उनकी शादी आगामी नवंबर महीने में होने वाली थी। परिवारों ने इस शाही शादी के लिए राजस्थान में करोड़ों रुपये का एक आलीशान महल बुक कर लिया था और मेहमानों के आने-जाने के लिए दो प्राइवेट विमानों तक का इंतजाम हो चुका था। लेकिन दूसरी तरफ, सिया पिछले साल दिवाली पार्टी में मिले कोंढवा निवासी चेतन चौधरी के प्यार में पागल थी। वह केतन को अपनी जिंदगी और प्यार के बीच का सबसे बड़ा रोड़ा मानने लगी थी और इसी वजह से उसने केतन को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

क्या था 'लोनावला फूड मॉल' और गायब पासपोर्ट का रहस्य?

केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने पुलिस के सामने कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जो इस साजिश की गहराई को बयां करते हैं। उन्होंने बताया कि शादी से पहले केतन, उसका भाई, बहन और सिया इंडोनेशिया के बाली ट्रिप पर जाने वाले थे। चारों के पासपोर्ट एक ही पाउच में सुरक्षित रखे थे और वे कार से मुंबई एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए थे। रास्ते में लोनावला के एक फूड मॉल पर गाड़ी रुकी। पिता का आरोप है कि:

  • पाउच से सिर्फ एक पासपोर्ट गायब: सिया कार में अपना फोन भूलने का बहाना बनाकर अकेले वापस गई। जब वे एयरपोर्ट पहुंचे, तो पाउच में से बाकी सबके पासपोर्ट सुरक्षित थे, लेकिन सिर्फ केतन का पासपोर्ट रहस्यमयी तरीके से गायब था।
  • बाली ट्रिप कैंसिल, लोनावला की जिद: पासपोर्ट न होने के कारण यह इंटरनेशनल ट्रिप कैंसिल करनी पड़ी। इसके तुरंत बाद सिया ने केतन से झगड़ा किया और जिद पकड़ ली कि वे बाली नहीं तो लोहागढ़ किले (लोनावला) ट्रेकिंग के लिए चलेंगे। पिता का आरोप है कि पासपोर्ट का गायब होना इसी खौफनाक साजिश का हिस्सा था।

14 जून की वो पहली नाकाम कोशिश: 'सांप-सांप' का वो झूठा शोर!

जांचकर्ताओं को शक है कि 18 जून की वारदात से ठीक चार दिन पहले यानी 14 जून को भी केतन को उसी जगह पर मारने की कोशिश की गई थी। केतन के पिता ने बताया कि 14 जून को जब दोनों लोहागढ़ किले के उसी खतरनाक किनारे पर थे, तब केतन को पीछे से एक जोरदार धक्का दिया गया था।

उस वक्त केतन ने सूझबूझ दिखाते हुए पास की झाड़ियों को पकड़ लिया और उसकी जान बाल-बाल बच गई। जब केतन ने घबराकर पूछा कि उसे किसने धक्का दिया, तो सिया ने तुरंत 'सांप-सांप' का झूठा शोर मचा दिया और दावा किया कि उसने केतन को सांप से बचाने के लिए पीछे खींचा था, जिसके चक्कर में वह असंतुलित होकर आगे की तरफ झुक गया। पुलिस अब 31 मई और 14 जून की उनकी पुरानी किला यात्राओं के पैटर्न की फोरेंसिक और डिजिटल सबूतों के जरिए जांच कर रही है।

लोहागढ़ किले में क्या हुआ था उस दिन?

पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के अनुसार, 18 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के बहाने दोनों लोहागढ़ किले पहुंचे। लेकिन वहां जाने से पहले सिया और उसका प्रेमी चेतन चौधरी एक कैफे में मिले थे, जहां मर्डर का पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया गया था। योजना के मुताबिक, चेतन चौधरी इस जोड़े के पहुंचने से पहले ही किले पर पहुंच गया था और एक सुनसान जगह पर छिपकर उनका पीछा कर रहा था।

कैफे की सीक्रेट मीटिंग और 400 फीट गहरी खाई का खौफनाक सच

जैसे ही केतन किले के एक खतरनाक किनारे पर पहुंचा, सिया और चेतन ने मिलकर उसे 400 फीट गहरी खाई में धक्का दे दिया। वारदात के बाद सिया ने बेहद शातिराना अंदाज में पुलिस को कहानी सुनाई कि तेज हवाओं के बीच फोटो खींचते समय केतन का पैर फिसल गया था। लेकिन पुलिस को उसके बयानों में कई विसंगतियां मिलीं। पिता ने भी बताया कि जब बेटे की लाश सामने आई, तो सिया के चेहरे पर रत्ती भर भी दुख नहीं था। लोकल क्राइम ब्रांच ने जब तकनीकी सबूतों और कड़ाई से पूछताछ के आधार पर चेतन को हिरासत में लिया, तो उसने इस खौफनाक साजिश का पूरा सच उगल दिया। फिलहाल लोनावला ग्रामीण पुलिस मामले की गहन न्यायिक समीक्षा और फोरेंसिक जांच कर रही है।