कृषक कल्याण वर्ष–2026 के शुभारंभ पर भोपाल के जम्बूरी मैदान में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की विशेष प्रदर्शनी लगी। गिर, साहीवाल, थारपारकर के साथ आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध पुंगनूर गाय आकर्षण का केंद्र बनी।

कृषि और पशुपालन को नई दिशा देने के इरादे से मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाने की शुरुआत की है। इसी पहल के तहत भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र से जुड़ी कई अनोखी झलकियां देखने को मिलीं, जहां आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध पुंगनूर गाय ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।

रविवार को आयोजित “कृषक कल्याण वर्ष–2026” के शुभारंभ अवसर पर पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विशेष प्रदर्शनी लगाई गई। यह आयोजन विभागीय राज्य मंत्री श्री लखन पटेल के निर्देश पर किया गया, जिसमें किसानों और पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों और योजनाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

पुंगनूर गाय रही प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण

प्रदर्शनी में गिर, साहीवाल, थारपारकर नस्लों के साथ-साथ आंध्र प्रदेश की प्रसिद्ध पुंगनूर गाय को प्रदर्शित किया गया। छोटे कद और अधिक दूध उत्पादन की क्षमता के लिए जानी जाने वाली पुंगनूर गाय किसानों और पशुपालकों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।

कार्यक्रम के दौरान विभागीय अधिकारियों ने उपस्थित किसानों और पशुपालकों को पशु पोषण, पशु स्वास्थ्य और नस्ल सुधार से जुड़ी अहम जानकारियां दीं। अधिकारियों ने बताया कि वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की जा सकती है।

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सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए लगाए गए स्टॉल

पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा जम्बूरी मैदान में पांच से अधिक स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से भारत सरकार और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी किसानों और पशुपालकों तक पहुंचाई गई।

कार्यक्रम स्थल पर गोबर से निर्मित उत्पादों जैसे राम दरबार, महाकाल प्रतिमा, पंचगव्य उत्पाद, पूजा सामग्री और सौंदर्य प्रसाधनों की आकर्षक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसके साथ ही कड़कनाथ मुर्गा और बकरी की विभिन्न प्रजातियों का सजीव प्रदर्शन किया गया, जिससे पशुपालन को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।

सांची दुग्ध संघ के उत्पाद भी बने आकर्षण

प्रदर्शनी में सांची दुग्ध संघ द्वारा उत्पादित दुग्ध और दुग्ध उत्पादों को भी प्रदर्शित किया गया, जिन्हें देखने और खरीदने के लिए लोगों की खासी भीड़ देखने को मिली।

आत्मनिर्भर गोशालाओं पर रहा विशेष फोकस

पशुपालन एवं डेयरी विभाग की स्वावलंबी गोशाला नीति–2025 और आत्मनिर्भर गोशाला मॉडल का विशेष प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य पशुपालकों को गोशालाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

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