सितंबर में भारत में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन में पुतिन और शी जिनपिंग शामिल होंगे। गलवान के बाद यह शी की पहली भारत यात्रा होगी। इसकी पुष्टि पुतिन के चीन दौरे में हुई, जहाँ वे द्विपक्षीय संबंध मजबूत कर रहे हैं।
नई दिल्ली: भारत जल्द ही दुनिया की बड़ी कूटनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनने वाला है। इस साल सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग खुद शामिल होंगे, इस बात की पुष्टि हो गई है। दोनों नेताओं की मौजूदगी से उम्मीद है कि भारत ग्लोबल लेवल पर अहम बातचीत का मंच बनेगा। इस दौरे का राजनीतिक महत्व इसलिए भी ज़्यादा है क्योंकि गलवान सीमा पर हुए संघर्ष के बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहली बार भारत आ रहे हैं। केंद्र सरकार के सूत्रों से यह भी संकेत मिल रहे हैं कि इस सम्मेलन में ईरान और यूएई जैसे देशों के राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल हो सकते हैं। पुतिन के चीन दौरे के दौरान ही दोनों नेताओं के भारत आने की बात पक्की हुई है।

पुतिन-शी जिनपिंग की आज मुलाकात
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आज एक अहम मुलाकात होगी। पुतिन दोनों देशों के बीच हुई दोस्ती की संधि की 25वीं सालगिरह के मौके पर दो दिन के दौरे पर चीन पहुंचे हैं। इस मुलाकात में ईरान संकट, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध जैसे ग्लोबल मुद्दों पर खास चर्चा होगी। इसके अलावा, ऊर्जा सुरक्षा और नई साइबेरियन गैस पाइपलाइन परियोजना समेत करीब 40 नए द्विपक्षीय समझौतों पर दोनों देश दस्तखत करेंगे, ऐसी खबरें हैं। पुतिन का यह चीन दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दौरे के ठीक बाद हो रहा है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसका काफी महत्व है। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब चीन अमेरिका के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बीच यह मुलाकात रूस और चीन के आर्थिक और रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगी।
