Raghav Chadhac Controversy : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने 'द 48 लॉज ऑफ पावर' शेयर करके ना सिर्फ आम आदमी पार्टी, बल्कि अरविंद केजरीवाल पर भी बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा-यह संयोग है कि यह किताब मुझे ऐसे समय किसी ने तोहफे में दी है।
राघव चड्ढा को लेकर सियासी गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। आम आदमी पार्टी की तरफ से चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के बीच राघव चड्डा ने अमेरिकी लेखक रॉबर्ट ग्रीन की किताब 'द 48 लॉज ऑफ पावर' पढ़ते हुए किताब के कवर और पहले चैप्टर की तस्वीरें शेयर की है। इसके जरिए उन्होंने ना सिर्फ आप, बल्कि बिना नाम लिए अरविंद केजरीवाल पर भी बड़ा कमेंट्स किया है। जिसके बाद बाद वह ट्रेंड करने लगे हैं।
राघव चड्डा को सयोंग से सही समय मिली ये बुक
राघव चड्डा ने बुक शेयर करते हुए सोशल मीडिया पर कमेंट्स में लिखा-यह संयोग की बात है कि मेरे एक दोस्त ने ऐसे वक्त "द 48 लॉज ऑफ पावर" बुक मुझे तोहफे में दी है, जब मेरे साथ यह सब हो रहा है। उन्होंने कहा कुछ किताबें ठीक उसी समय पहुंचती हैं जब उन्हें पहुंचना होता है। इसे नजरअंदाज करना मुश्किल है। उन्होंने जिस किताब के पेज को पोस्ट किया है, उसमें लिखा है कि 'नेवर आउटसाइन द मास्टर', यानि अपने गुरु को हमेशा ऊंचा दर्जा दीजिए।
"द 48 लॉज ऑफ पावर" बुक क्यों की शेयर
राघव चड्डा ने कहा- इस बुक के पहले पेज में लिखा है कि आप आपने गुरू या बॉस को ज्यादा चमाने की कोशिश नहीं करें। यानि आप सीनियर को हमेशा सुरक्षित और श्रेष्ठ महसूस कराएं। उनके सामने अपने हुनर का प्रदर्शन न करें। उन्हें यह महसूस कराएं कि वह आपसे ज्यादा बेहतर हैं। उनको खुश करने के चक्कर में आप अपने गुण या प्रतिभा को नहीं बताएं। ताकि वे आपको पसंद करें और आपको आगे बढ़ाएं।' उनको ऐसा लगना चाहिए कि वह आपसे ज्यादा समझदार और ठीक हैं। ऐसा नहीं किया तो उनमें डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। ऐसा करेंगे तो आप एक दिन सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंच जाएंगे।


