राजस्थान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने HOD के ऑफिस से फ्रिज बाहर क्यों निकाला? छात्रों के अनुसार यूनिवर्सिटी में पीने के पानी को लेकर क्या समस्या थी? छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने फ्रिज को लेकर क्या तर्क दिया? वायरल वीडियो में छात्रों ने फ्रिज को कहां रखकर उसका इस्तेमाल शुरू किया?
जयपुर की चिलचिलाती गर्मी के बीच राजस्थान यूनिवर्सिटी में पीने के पानी को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। यहां कुछ छात्र एक HOD (विभागाध्यक्ष) के ऑफिस में रखा फ्रिज उठाकर बाहर ले आए और उसे सभी छात्रों के इस्तेमाल के लिए रख दिया। यह घटना राजस्थान यूनिवर्सिटी की सेंट्रल लाइब्रेरी की है। छात्रों का कहना था कि भीषण गर्मी के बावजूद उन्हें पीने के लिए साफ और ठंडा पानी नहीं मिल रहा है। छात्रों के मुताबिक, उन्होंने कई बार यूनिवर्सिटी प्रशासन से पानी के कूलर ठीक कराने और पीने के पानी का सही इंतजाम करने की गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। कई वॉटर कूलर खराब पड़े थे, जिससे छात्रों में गुस्सा और हताशा बढ़ती जा रही थी। यह विरोध तब और तेज हो गया जब छात्र नेता शुभम रेवाड़ ने लाइब्रेरी में छात्रों को पानी के लिए संघर्ष करते देखा।

अब वायरल हो रहे वीडियो में, रेवाड़ अपने समर्थकों के साथ सेंट्रल लाइब्रेरी में HOD के कमरे में घुसते और वहां रखे फ्रिज को उठाकर बाहर एक कॉमन एरिया में रखते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इसके तुरंत बाद, फ्रिज में पानी की बोतलें भर दी गईं, ताकि छात्रों को ठंडा पानी मिल सके। इस घटना के बारे में बात करते हुए, रेवाड़ ने तर्क दिया कि HOD के ऑफिस में रखा फ्रिज किसी अधिकारी की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि इसे छात्रों की फीस के पैसे से खरीदा गया था। उन्होंने कहा कि इसलिए छात्रों की फीस से खरीदी गई सुविधाओं पर पहला हक भी उन्हीं का है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पीने के पानी की समस्या को लेकर बार-बार की गई शिकायतों पर यूनिवर्सिटी अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते छात्रों को यह कदम उठाना पड़ा। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे चिलचिलाती गर्मी में पानी के लिए संघर्ष कर रहे थे, तब यूनिवर्सिटी के अधिकारी एयर-कंडीशन्ड कमरों में बैठकर ठंडे पानी का आनंद ले रहे थे।
