राम मंदिर दान विवाद में SBI के दो कर्मचारियों की भूमिका जांच के घेरे में है। पुलिस कथित मिलीभगत, बैंक की सिफारिश और ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है।

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान विवाद की जांच में एक नया पहलू सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने कुछ समय पहले मंदिर में दान की गिनती करने वाले कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी। अब इसी मामले में बैंक के 2 कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस यह पता लगा रही है कि क्या दान की गिनती की निगरानी करने वाले बैंक कर्मचारी रत्नेश चतुर्वेदी और गगनदीप कथित गड़बड़ी में किसी तरह शामिल थे।

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SBI के दो कर्मचारियों पर क्यों है जांच?

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियों का मानना है कि दान गिनने की पूरी प्रक्रिया में कथित तौर पर मिलीभगत की गई थी। पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान दोनों बैंक कर्मचारियों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। वहीं, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती जांच में भी बैंक अधिकारियों की भूमिका की ओर संकेत मिलने की बात कही जा रही है। पुलिस अब दोनों कर्मचारियों की भूमिका की विस्तार से जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है।

तीन महीने पहले SBI ने कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी

जांच में यह भी सामने आया है कि करीब तीन महीने पहले दान की गिनती में कथित गड़बड़ी का संदेह होने पर SBI ने संबंधित कर्मचारियों को हटाने की सिफारिश की थी।बताया जा रहा है कि बैंक की सिफारिश मिलने के बाद आउटसोर्सिंग कंपनी, जिसने गिनती करने वाले कर्मचारियों को नियुक्त किया था, उन्हें हटाने की तैयारी भी कर रही थी।

ट्रस्ट के हस्तक्षेप का भी दावा

सूत्रों का दावा है कि बाद में राम मंदिर ट्रस्ट के कुछ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद गिनती करने वाले कर्मचारियों को हटाने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। यह भी दावा किया गया है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के प्रभाव के कारण बैंक की सिफारिश पर कार्रवाई नहीं हो सकी। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है और पुलिस सभी तथ्यों की पुष्टि कर रही है।

चंपत राय का बयान दर्ज

सोमवार को पुलिस ने कथित तौर पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया। जांच एजेंसियां इस पूरे मामले से जुड़े सभी पक्षों से पूछताछ कर रही हैं ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।

आरोपी के घर भी पहुंची पुलिस

रविवार को जांच के तहत पुलिस की एक टीम अयोध्या में आरोपी अविनाश शुक्ला के घर भी पहुंची। इस दौरान मीडिया से बातचीत में आरोपी के भाई अभिषेक शुक्ला ने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति मंदिर के फंड के कथित गलत इस्तेमाल में शामिल पाया जाता है, तो परिवार उसका समर्थन नहीं करेगा।

ट्रस्ट ने क्या कहा?

इससे पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा था कि हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रम से ट्रस्ट हैरान, आहत और बेहद दुखी है। ट्रस्ट ने कहा कि वह निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और श्रद्धालुओं का भरोसा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। साथ ही ट्रस्ट ने यह भी जानकारी दी कि उसे महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे प्राप्त हो चुके हैं।

जांच जारी, कई पहलुओं की पड़ताल

फिलहाल पुलिस और SIT पूरे मामले की कई पहलुओं से जांच कर रही हैं। जांच एजेंसियां बैंक अधिकारियों, आउटसोर्सिंग कंपनी, दान गिनने वाली टीम और ट्रस्ट से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल कर रही हैं। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।