Ram Mandir Donation Scam :अयोध्या राम मंदिर चंदा गबन मामले के उजागर हुए आज पूरे 22 दिन हो गए। मामले का खुलासा 7 जून को हुआ था। वहीं आज घोटाले में सबसे बड़ा एक्शन हुआ। 

अयोध्या (उत्तर प्रदेश): अयोध्या की एक स्थानीय अदालत ने सोमवार को राम मंदिर चंदा गबन मामले के सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस की उस गहन जांच के बाद आया है, जिसमें श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे और चंदे के पैसों में वित्तीय गड़बड़ी और हेराफेरी की खबरें सामने आई थीं।

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जेल में परिवार से मिलते दिखे आरोपी

इस बीच, आरोपियों के परिवार वाले उनसे मिलने के लिए जेल परिसर पहुंचते दिखे। आरोपी टिंकू यादव के बेटे रवि यादव और आरोपी मनीष यादव के भाई शनि यादव अयोध्या जिला जेल पहुंचे, जहां सभी आरोपियों को रखा गया है।

चंपत राय से पूछताछ हो चुकी

  • इससे पहले शुक्रवार को, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी सदस्य अनिल मिश्रा ने राम मंदिर चंदे में कथित गबन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था।
  • सोमवार को सूत्रों ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी की चल रही जांच के तहत चंपत राय का बयान दर्ज किया। सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि चंपत राय से पूछताछ हो चुकी है और अगर जांच के दौरान जरूरत पड़ी तो ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों, जिसमें अनिल मिश्रा भी शामिल हैं, के बयान बाद में दर्ज किए जाएंगे।

अविनाश शुक्ला के घर पहुंची पुलिस

रविवार को राम मंदिर चंदा गबन मामले की जांच उस वक्त तेज हो गई, जब पुलिस की एक टीम अयोध्या में एक आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंची।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने क्या कहा?

  • इससे पहले, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (ट्रस्ट) ने एक आधिकारिक प्रेस बयान में कहा, “श्री राम मंदिर (अयोध्या) को लेकर पिछले कुछ दिनों में सामने आई घटनाओं से हम स्तब्ध, आहत और बहुत दुखी हैं। हम एक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और भक्तों को आश्वस्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।” 
  • ट्रस्ट ने यह भी घोषणा की कि उसे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (ट्रस्ट) के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे मिल गए हैं।

25 जून को FIR दर्ज

यह सब अयोध्या में राम मंदिर में मिले चंदे के कथित गबन के सिलसिले में 25 जून को FIR दर्ज होने के बाद हुआ। अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर दर्ज किया गया है।

इन 8 लोगों पर दर्ज हुई FIR

FIR में जिनके नाम हैं, वे हैं: अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, टिंकू यादव, मनीष यादव और अन्य। यह मामला तब सामने आया जब अयोध्या से सपा के पूर्व विधायक पवन पांडे ने आरोप लगाया कि राम मंदिर के चंदे में से 7 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये के बीच की हेराफेरी की गई है।

14 जून को गठित हुई SIT

  • इन आरोपों के बाद, 14 जून को राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित घोटाले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
  • इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ANI से कहा, "पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए; सरकार यह सुनिश्चित करेगी।"
  • इस मामले ने उत्तर प्रदेश में एक सियासी घमासान छेड़ दिया है, जहां सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी दल मंदिर के वित्त के प्रबंधन को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, जबकि SIT की जांच जारी है

राम मंदिर में चोरी का मामला कब सामने आया?

बता दें कि राम मंदिर में चोरी का मामला पहली बार 7 जून को सामने आया। सपा सरकार में मंत्री रहे पवन पांडेय ने सबसे पहले राम मंदिर में चढ़ावे के चोरी के आरोप लगाए। उन्होंने कहा-मंदिर से 5 से 7 करोड़ रुपए का दान चोरी हुआ है। इसके बाद अखिलेश यादव ने मामला पर बयान दिया और फिर मामला मीडिया में आ गया।