मोदी सरकार के एक मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के नेता रामदास अठावले ने CJP को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के बजाय छात्रों के लिए आंदोलन करने की सलाह दी है।
मोदी सरकार के एक मंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन नहीं करने की नसीहत दी है। केंद्र में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि पार्टी को चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करने के बजाय छात्रों की शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और उनसे जुड़े मुद्दों पर आंदोलन करना चाहिए। अठावले ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की ओर से बुलाए गए प्रदर्शन को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है।
CJP को छात्रों के मुद्दों पर आंदोलन करने की सलाह
- रामदास अठावले ने कहा, कॉकरोच जनता पार्टी को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन करने की जरूरत नहीं है।
- उन्होंने पार्टी की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि सीजेपी का गठन नीट परीक्षा में पेपर लीक के मुद्दे को लेकर हुआ था। उस समय पार्टी ने तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
- अठावले ने कहा, 'कॉकरोच जनता पार्टी वालों को मेरा कहना है कि आपकी पार्टी स्थापित हुई थी नीट एग्जाम में जो पेपर लीक हुई थी, उसके लिए आपकी पार्टी स्थापित हुई थी।
- आपने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा, मोदी जी ने इस्तीफा ले लिया और आपकी सारी मांगें पूरी कर दीं। अब ज्ञानेश कुमार के मामले में पड़ने की आपको क्या जरूरत है।'
- उन्होंने कहा कि सीजेपी को छात्रों के लिए आंदोलन करना चाहिए। पार्टी को यह मुद्दा उठाना चाहिए कि छात्रों को कैसी शिक्षा नीति मिले, परीक्षाएं किस तरह आयोजित हों और परीक्षा व्यवस्था में क्या सुधार किए जाने चाहिए।
- उनके मुताबिक, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन करना उचित नहीं है।
ज्ञानेश कुमार के समर्थन में क्या बोले अठावले?
- केंद्रीय मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची से हटाए गए नामों के पीछे अलग-अलग कारण हैं।
- आठवले ने कहा कि 13 करोड़ वोट काटे जाने के मामले में 6 करोड़ ऐसे लोग हैं, जो नौकरी या कारोबार के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले गए हैं।
- उन्होंने दावा किया कि एक करोड़ लोगों के नाम दो जगह दर्ज थे, इसलिए उनमें से एक नाम हटाया गया। इसके अलावा, उन्होंने तीन करोड़ लोगों के लापता होने की बात कही।
- ये आंकड़े और उनके पीछे बताई गई वजहें रामदास आठवले के दावे हैं।
राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर पलटवार
- रामदास अठावले ने राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस की सीटों में बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या राहुल गांधी इसे भी वोट चोरी का नतीजा बताएंगे।
- अठावले ने कहा, ‘इसलिए वोट चोरी के संबंध में जिस तरह राहुल गांधी बोल रहे हैं। मेरा सवाल राहुल गांधी जी से है कि तुम जहां से चुनकर आए, वहां हमारा वोट चोरी हुई है। तुम्हारे लोग 42 से 99 हो गए हैं। मतलब हमारा वोट चोरी हो गया है, ऐसा बोलेंगे क्या। इसलिए लोकतंत्र में जब आने के साथ कांग्रेस को सत्ता मिली है, तब आप वोट चोरी करते थे क्या।’
- उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता के वोट और समर्थन से सत्ता में आई है। अठावले ने मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा मांगने के लिए किए जा रहे आंदोलन को बेबुनियाद बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर अराजकता को बढ़ावा दे रहा है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है।
अभिजीत दीपके को पहले भी दे चुके हैं चेतावनी
- रामदास आठवले ने 3 अक्टूबर को सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर भी बयान दिया था।
- उन्होंने आरोप लगाया था कि दीपके ने डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के बारे में गलत बयान दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
- अठावले ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अभिजीत दीपके को इस तरह के बयान देना बंद कर देना चाहिए, नहीं तो रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
- अब अठावले ने सीजेपी को छात्रों के मुद्दों पर आंदोलन करने की सलाह देते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और राहुल गांधी के वोट चोरी के आरोपों का विरोध किया है।


