RBI Repo Rate Hike: रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.5% हुआ। कांग्रेस ने PM मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे होम लोन, कार लोन और EMI का बोझ बढ़ सकता है। जानें RBI ने दर क्यों बढ़ाई और कांग्रेस ने क्या कहा?
RBI Repo Rate Hike: RBI के रेपो रेट को 5.5% तक बढ़ाने के फैसले के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी ने कहा कि ब्याज दर बढ़ने से आम लोगों पर कर्ज का बोझ बढ़ेगा। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा, “अच्छे दिनों” का वादा था, लेकिन अब “वसूली वाले दिन” आ गए हैं। बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने RBI के फैसले को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। पार्टी ने कहा, “‘महंगाई मैन’ मोदी का कहर जारी है। अब जनता की कमर और तोड़ी जाएगी।”
रेपो रेट में बढ़ोतरी पर कांग्रेस का हमला, कहा-अब 'वसूली वाले दिन' आ गए हैं?
बुधवार को कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि 'महंगाई मैन' मोदी के राज में आम जनता पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने कहा कि RBI की ओर से रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.5% करने से कर्ज लेने वालों पर असर पड़ेगा। पार्टी के मुताबिक, होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन और बिजनेस लोन की ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इसका सीधा असर EMI पर पड़ सकता है। वहीं, कुछ मामलों में लोन चुकाने की अवधि भी बढ़ सकती है। हालांकि, वास्तविक असर लोन के प्रकार, बैंक के बेंचमार्क और यह बात पर निर्भर करेगा कि बैंक बढ़ी हुई दर को ग्राहकों तक कितनी जल्दी पहुंचाते हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जनता से 'अच्छे दिनों' का वादा किया गया था, लेकिन अब उन्हें 'वसूली वाले दिन' देखने पड़ रहे हैं। इससे लोन लेने वाले मध्यम वर्ग और आम नागरिकों की ईएमआई (EMI) बढ़ जाएगी और कर्ज चुकाने की अवधि भी लंबी हो जाएगी।
RBI ने Repo Rate क्यों बढ़ाई?
RBI का फैसला दुनियाभर में खाद्य और ऊर्जा की कीमतों में बढ़ोतरी, वित्तीय बाजारों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर सख्त वित्तीय परिस्थितियों के बीच आया है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने 5 से 7 अक्टूबर तक हुई बैठक में रेपो रेट बढ़ाने के पक्ष में सर्वसम्मति से फैसला लिया। साथ ही, RBI ने अपनी नीति का रुख बदलकर “कैलिब्रेटेड टाइटनिंग” यानी सोच-समझकर मौद्रिक सख्ती की ओर कर दिया।
RBI Governor ने महंगाई पर क्या कहा?
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई को लेकर तस्वीर पिछले साल की तुलना में अब उतनी आरामदायक नहीं है। उनके मुताबिक, अगले तीन तिमाहियों में हेडलाइन कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन औसतन 5.8% रह सकती है, जबकि पूरे वित्त वर्ष के लिए महंगाई दर का अनुमान 4.4% है। RBI ने वैश्विक आर्थिक विकास में संभावित सुस्ती, ऊर्जा और खाद्य कीमतों में बढ़ोतरी, बॉन्ड यील्ड और डॉलर में उतार-चढ़ाव तथा व्यापारिक अनिश्चितता को भी महंगाई और वित्तीय बाजारों के लिए जोखिम बताया है। ऐसे में अब कर्जदारों की नजर RBI के अगले फैसलों पर रहेगी।


