गणतंत्र दिवस 2026 पर लखनऊ के विधान सभा मार्ग पर संस्कृति विभाग ने ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ थीम पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया। 9 राज्यों के 200 से अधिक कलाकारों व यूपी के कलाकारों ने विविध लोकनृत्य प्रस्तुत किए।

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर विधान सभा मार्ग पर संस्कृति विभाग की ओर से भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस आयोजन में देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर पहली बार देश के नौ राज्यों से आए 200 से अधिक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। संस्कृति विभाग ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप इस आयोजन को ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आधारित किया।

नौ राज्यों के कलाकारों ने दिखाई भारत की सांस्कृतिक विविधता

गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार नौ राज्यों के कलाकारों ने विधान सभा मार्ग पर एक साथ प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया। गुजरात, बिहार, असम, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने अपने-अपने राज्यों की लोक संस्कृति को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। अरुणाचल प्रदेश के कलाकारों ने सिंगफो और निशि जनजाति के लोक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

देश के विभिन्न लोकनृत्यों की रंगारंग प्रस्तुतियां

कार्यक्रम में बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र का झिझिया नृत्य, छत्तीसगढ़ का राउत नाचा, गुजरात का ढाल-तलवार रास और जम्मू-कश्मीर का रऊफ नृत्य प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही मध्य प्रदेश का बधाई नृत्य, महाराष्ट्र का लेजियम, सिक्किम का तमांग सेलो और त्रिपुरा के जनजातीय लोक नृत्यों ने विविधता में एकता की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने दिखाई समृद्ध सांस्कृतिक विरासत

उत्तर प्रदेश के कलाकारों ने भी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का भव्य प्रदर्शन किया। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के कलाकारों ने कथक नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। अयोध्या के बधावा और फारूवाही लोक नृत्य ने दर्शकों को आकर्षित किया। वहीं मथुरा के शंख वादन और मयूर लोक नृत्य तथा प्रयागराज के ढेढ़िया लोक नृत्य ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।

स्कूली छात्रों की प्रस्तुतियों ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के क्रम में स्कूली छात्रों की टुकड़ियों ने भी राष्ट्रीय एकता की थीम पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों में देशभक्ति, जोश और उत्साह का संचार किया।

राजधानी लखनऊ से गूंजा ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ का संदेश

गणतंत्र दिवस के इस सांस्कृतिक आयोजन ने दर्शकों को देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराया। संस्कृति विभाग की इस रचनात्मक पहल ने राजधानी लखनऊ से ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की भावना का सशक्त संदेश पूरे प्रदेश और देश तक पहुंचाया।