मुंबई के जुहू इलाके में फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग मामले में जांच कर रही मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हमले में इस्तेमाल किया गया होंडा डियो स्कूटर बरामद कर लिया है, जिससे पूरे षड्यंत्र की परतें खुलने लगी हैं। 

Mumbai Police Investigation: मुंबई के जुहू इलाके में मशहूर फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग की घटना ने पूरे बॉलीवुड और मुंबई पुलिस को अलर्ट पर ला दिया है। इस सनसनीखेज मामले की जांच में अब एक बड़ा और अहम सुराग सामने आया है। मुंबई पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल किया गया स्कूटर बरामद कर लिया है, जिससे इस हमले की साजिश धीरे-धीरे खुलती नजर आ रही है। सवाल यह है कि आखिर यह हमला किसने करवाया, क्यों करवाया और इसके पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है?

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

फायरिंग में इस्तेमाल स्कूटर कहां से आया?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह होंडा डियो स्कूटर पुणे के एक व्यक्ति से खरीदा गया था। उस व्यक्ति ने यह स्कूटर आदित्य गायकवाड़ नाम के आरोपी को 30,000 रुपये में बेचा था। चौंकाने वाली बात यह है कि यह सौदा किसी आरसी या कानूनी कागज पर नहीं, बल्कि सादे कागज पर साइन लेकर किया गया था। यही बात इस पूरे मामले को और ज्यादा संदिग्ध बना देती है।

स्कूटर मुंबई कैसे पहुंचा और किसने छोड़ा?

पुलिस जांच में सामने आया है कि आदित्य गायकवाड़ ने एक अन्य आरोपी समर्थ पोमाजी के साथ मिलकर यह स्कूटर पुणे से मुंबई लाया। इसके बाद स्कूटर को जुहू इलाके में पहले से तय की गई जगह पर छोड़ दिया गया। यह पूरा काम शुभम लोनकर के निर्देश पर किया गया था, जो इस साजिश की अहम कड़ी माना जा रहा है।

Scroll to load tweet…

क्या आरोपियों को शूटर की पहचान पता थी?

सबसे रहस्यमय बात यह है कि पुलिस के अनुसार, स्कूटर खरीदने से लेकर मुंबई पहुंचाने तक, आरोपियों को यह भी नहीं पता था कि असल शूटर कौन है। शुभम लोनकर ने ही शूटर को फोन कर बताया कि स्कूटर कहां से लेना है और रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग कैसे करनी है।

क्या यह कोई पुराना अपराधी पैटर्न है?

पुलिस का कहना है कि इस तरह की प्लानिंग पहले भी कई अपराधों में देखी जा चुकी है, जहां एक ही अपराध के लिए कई छोटे-छोटे ग्रुप बनाए जाते हैं, ताकि कोई भी पूरा सच न जान सके।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई कनेक्शन?

मामले में पकड़े गए पांच आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया है। आरोपी के वकील ने दावा किया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग से उनका कोई संबंध नहीं है और उन्हें फायरिंग की जानकारी भी नहीं थी। फिलहाल पुलिस को आरोपियों की 4 दिन की कस्टडी मिली है।

जांच कहां तक पहुंची?

रविवार को हुई इस फायरिंग में चार राउंड गोलियां चलाई गई थीं। घटना के बाद रोहित शेट्टी के रिहायशी टावर के आसपास भारी पुलिस सुरक्षा तैनात कर दी गई है। फोरेंसिक और क्राइम ब्रांच की टीमें हर एंगल से जांच कर रही हैं। राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन सवाल अब भी कायम है-क्या यह सिर्फ धमकी थी या किसी बड़े प्लान की शुरुआत?