नासिक के ढोंगी बाबा केस में रूपाली चाकणकर ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने अशोक खरात से जुड़े सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि अब तक इसके कोई ठोस सबूत नहीं है और उन्हें व उनके परिवार को बदनाम किया जा रहा है। मामले में पुलिस और ED जांच जारी है।
Ashok Kharat Viral Video Case Updates: अशोक खरात यौन उत्पीड़न केस में नाम सामने आने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रुपाली चाकणकर ने आखिरकार चुप्पी तोड़ी है। रुपाली ने स्वयंभू बाबा अशोक खरात से जुड़े सभी आरोपों को पूरी तरह गलत और मानहानिकारक बताया है। मंगलवार को जारी एक बयान में उन्होंने कहा कि अब तक उनके खिलाफ कोई भी ठोस सबूत सामने नहीं आया है।
मीडिया और आरोप लगाने वालों पर उठाए सवाल
रुपाली चाकणकर ने कहा कि पिछले 28 दिनों से उनके और उनके परिवार के खिलाफ झूठे और गैर-जिम्मेदाराना आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इन आरोपों का मकसद केवल उनकी छवि को खराब करना है। उन्होंने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना जांच के ऐसे मुद्दों को बढ़ाना गलत है।
गुमनाम पत्र पर उठाए सवाल
चाकणकर ने उस गुमनाम पत्र को लेकर भी सवाल उठाए हैं, जिसे इस पूरे मामले का आधार बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह साफ होना चाहिए कि यह पत्र किसने लिखा और यह आरोप लगाने वालों तक कैसे पहुंचा। बिना सत्यापन के इसे मीडिया में दिखाना दुर्भावनापूर्ण इरादे को दर्शाता है।
पुलिस अधिकारी का बयान भी आया सामने
रुपाली चाकणकर ने नवनीत कांवट (बीड के एसपी) का हवाला देते हुए कहा कि बिना नाम और पते वाले गुमनाम पत्र कानूनी रूप से मान्य नहीं होते और उन्हें गंभीरता से नहीं लिया जा सकता। चाकणकर ने साफ कहा कि उनका या उनके परिवार का इस मामले में किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध नहीं है, चाहे वह वित्तीय, जमीन या अन्य कोई कथित गलत काम हो। उन्होंने भरोसा जताया कि जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।
विवाद के बीच देना पड़ा इस्तीफा
इस पूरे विवाद के दौरान चाकणकर को पिछले महीने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा। यह कदम उस समय उठाया गया जब उनके कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें वह कथित तौर पर अशोक खरात के पैर धोती नजर आ रही थीं।
परिवार पर भी जांच एजेंसियों का फोकस
जांच के तहत पुलिस ने चाकणकर की बहन से भी पूछताछ की है। एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या उनकी बहन के बैंक खाते का इस्तेमाल अशोक खरात ने किसी संदिग्ध लेन-देन के लिए किया था।
अशोक खरात के खिलाफ चल रही जांच
फिलहाल अशोक खरात पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ यौन उत्पीड़न और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामलों की जांच चल रही है। साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल से कर रहा है और उससे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुका है।


