पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम अब एक आम उपचुनाव से आगे बढ़कर एक बड़ी सियासी जंग में तब्दील हो गया है इसी बीच एनसीपीआई (NCPI) सांसद सायोनी घोष ने बड़ा बयान दिया है। जिसको लेकर हड़कंप मच या है।
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): मौजूदा सियासी हालात पर बेबाक राय रखते हुए नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) की सांसद सायोनी घोष ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक "एकजुट और अनुशासित पार्टी" बताया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष के खेमे में "भारी कन्फ्यूजन" है। पत्रकारों से बातचीत में घोष ने कहा कि इस तालमेल की कमी के चलते वोटर्स को लगने लगा है कि मौजूदा हालात में विपक्ष पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता।
बंगाल में उपचुनाव से पहले सयानी के बयान के मायने
- घोष ने कहा, “...बीजेपी एक एकजुट और अनुशासित पार्टी है। वहीं, विपक्ष के बीच भारी कन्फ्यूजन है। लोग समझ गए हैं कि फिलहाल विपक्ष बहुत ज्यादा भरोसेमंद नहीं है।” आगामी उपचुनावों के समीकरणों पर बात करते हुए सांसद ने कहा कि ऐसे चुनावों में वोटर्स अक्सर सत्ताधारी पार्टी की तरफ ही झुकते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जीत उसी उम्मीदवार की होनी चाहिए जो जनता की सेवा के लिए समर्पित हो।
- उन्होंने आगे कहा, “आमतौर पर हम देखते हैं कि उपचुनावों में सत्ताधारी पार्टी का ही पलड़ा भारी रहता है। फिर भी, जो सबसे बेहतर हो और जनता के लिए काम करे, उसी की जीत होनी चाहिए।”
- उनका यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब उपचुनावों से पहले राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। सभी पार्टियां अपने उम्मीदवारों और रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं और गठबंधनों के समीकरण भी बदल रहे हैं।
राहुल के साथ काम करे TMC
- सांसद सायोनी घोष ने एक मजबूत विपक्ष की उम्मीद जताते हुए कहा था कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ आना चाहिए, ताकि एक "सच्ची साझेदारी" बन सके।
- राहुल गांधी के हालिया बयानों पर पत्रकारों से बात करते हुए घोष ने जोर देकर कहा कि दोनों पार्टियों के बीच एक मजबूत गठबंधन से बड़ा सियासी संदेश जाएगा
- घोष ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस, टीएमसी के साथ गठबंधन करेगी। अगर ऐसा होता है, तो यह एक कड़ा संदेश देगा कि यह गठबंधन असली है—एक सच्ची साझेदारी, न कि सिर्फ नाम का गठबंधन।"
अब क्या करेंगा चुनाव आयोग?
- घोष ने कहा- राजनीतिक दलों के कानूनी रास्ता अपनाने के अधिकार पर जोर देते हुए घोष ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी पार्टियों को चुनाव आयोग या अदालत का दरवाजा खटखटाने का पूरा हक है।
- उन्होंने आगे कहा, "यह दो पार्टियों के बीच का मामला है; कोई भी चुनाव आयोग या अदालतों का रुख कर सकता है। लोकतंत्र में—चाहे वह कांग्रेस हो, तृणमूल कांग्रेस हो या बीजेपी—हर कोई अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए आजाद है।"
क्या है नंदीग्राम उपचुनाव का गणित
- 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी और भवानीपुर सीट अपने पास रखी थी, जिसके बाद यह सीट खाली हो गई थी। यह विधानसभा क्षेत्र ममता बनर्जी और अधिकारी दोनों के लिए लंबे समय से सियासी अहमियत रखता है। नंदीग्राम में 2007 का भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन बंगाल की राजनीति का एक अहम अध्याय बन गया था।
- बीजेपी ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है, कांग्रेस ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है, और सीपीआई (CPI) ने शांति गोपाल गिरि को टिकट दिया है। नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव, साथ ही असम में नगांव लोकसभा उपचुनाव 6 अक्टूबर को होने हैं, और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी।


