Mecca Alert: मक्का में पहली बार हवाई हमले का अलर्ट, हूथी ड्रोन को मार गिराने का सऊदी दावा; सऊदी-हूती संघर्ष और लाल सागर में तनाव बढ़ने से सुरक्षा चिंता बढ़ी।
पश्चिमी सऊदी अरब के कई इलाकों को कुछ समय के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। इनमें पवित्र शहर मक्का, जेद्दाह और ताइफ प्रांत शामिल हैं। यह कदम यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से मक्का को निशाना बनाने की कोशिश के बाद उठाया गया। इस घटना से पहले से चल रहा सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच तनाव और बढ़ गया है। बताया गया कि इतिहास में पहली बार मक्का में हवाई हमले का अलर्ट जारी किया गया है।
मक्का के पास हूती ड्रोन को मार गिराने का दावा
यह असाधारण अलर्ट उस समय जारी किया गया, जब सऊदी अरब एयर डिफेंस सिस्टम ने मक्का के दक्षिण में एक हूती ड्रोन को प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही रोककर नष्ट कर दिया। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, यह ड्रोन मक्का की दिशा में बढ़ रहा था। ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकार के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है और लाल सागर में सऊदी जहाजों को निशाना बनाने की बात कही है।
मदीना जाने वाली उड़ानों पर भी असर
इजराइली अखबार 'हायोम' की एक रिपोर्ट के अनुसार, मदीना स्थित प्रिंस मोहम्मद बिन अब्दुलअज़ीज़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट (MED) की ओर जाने वाली कुछ उड़ानों को भी रोक दिया गया था। ये घटनाएं उस हमले के एक दिन बाद हुईं, जिसमें हूती विद्रोहियों ने यमन से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल कर सऊदी अरब को निशाना बनाया था। इस हमले में 13 लोग घायल हुए थे।
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने की हमले की निंदा
हूथी विद्रोहियों के खिलाफ लड़ रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले की कड़ी निंदा की। गठबंधन में 57 मुस्लिम देशों के शामिल होने की बात कही गई है। ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और हज यात्रा करनेवालों की सुरक्षा एक "रेड लाइन" यानी बेहद संवेदनशील मुद्दा है। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोहियों के आगे के हमलों को रोकने के लिए गठबंधन जरूरी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
मक्का को निशाना बनाने के दावे पर हूतियों का जवाब
हूथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब की उस रिपोर्ट को तुरंत खारिज कर दिया, जिसमें उनके ड्रोन को मक्का की ओर बढ़ते हुए मार गिराने का दावा किया गया था। दुनिया भर से हर साल लाखों हज यात्री मक्का पहुंचते हैं। हूती विद्रोहियों के पोलित ब्यूरो के सदस्य हज़ेम अल-असद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सऊदी दावे को "झूठ" बताया। उन्होंने कहा कि मक्का को निशाना बनाने का दावा पहले भी किया जाता रहा है और अब लोग इससे गुमराह नहीं होते।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष क्यों बढ़ा?
हूती विद्रोहियों ने इस सप्ताह सऊदी अरब के खिलाफ पिछले कई वर्षों के सबसे बड़े मिसाइल और ड्रोन हमलों में से एक किया। इन हमलों में तेल ठिकानों पर आग लगने और 73 लोगों के घायल होने की बात सामने आई। सोमवार को पश्चिमी यमन में हुए एक हूथी हमले में यमनी सरकार के आठ सैनिकों की मौत हो गई। यह जानकारी दो सैन्य सूत्रों ने दी। इसके अलावा, हूथी समूह ने दक्षिणी सऊदी अरब के खमीस मुशैत में स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाने का भी दावा किया। समूह के अनुसार, इस हमले में दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
Houthi विद्रोही कौन हैं?
- हूती विद्रोही ईरान समर्थित एक शिया आतंकी संगठन है, जो यमन में एक्टिव है। यह अल्पसंख्यक 'जैदी' शिया समुदाय से ताल्लुक रखता है। हूती विद्रोही 2014 से यमन में सत्ता के लिए लड़ाई कर रहे हैं।
- इस आंदोलन की शुरुआत 1990 के दशक में हुसैन बदरुद्दीन अल-हूती ने की थी। उन्हीं के नाम पर इस समूह को 'हूती' कहा जाता है। वर्तमान समय में इस सशस्त्र समूह का नेतृत्व अब्दुल मलिक अल-हूती कर रहे हैं।
- इनका गठन मूल रूप से तत्कालीन यमनी सरकार के भ्रष्टाचार के विरोध और सुन्नी प्रभाव की प्रतिक्रिया के रूप में हुआ था।
- इसने 2023 के बाद से लाल सागर में कई अमेरिका जहाजों को निशाना बनाया। साथ ही इजराइल पर भी हमले करता रहता है। हालांकि, इजराइल का आयरन डोम उसके ज्यादातर हमलों को नाकाम कर देता है।


