West Bengal Politics: ऋतब्रत बनर्जी के साथ गए बागी विधायकों में से कई अब अपना फैसला बदलने पर क्यों विचार कर रहे हैं? बागी विधायकों को ममता बनर्जी के खिलाफ जाने से किस तरह के राजनीतिक नुकसान का डर सता रहा है? रिपोर्ट के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस के कितने सांसद बीजेपी के संपर्क में बताए जा रहे हैं?
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी नेताओं के गुट में बड़ी फूट पड़ती दिख रही है। खबर है कि ममता बनर्जी की लीडरशिप से खुलेआम नाराज़ होकर ऋतब्रत बनर्जी के साथ गए 12 से ज़्यादा बागी विधायक अब अपना फैसला बदलने पर विचार कर रहे हैं। 'द टेलीग्राफ' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये विधायक अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर काफी चिंता में हैं।

इन विधायकों को लग रहा है कि ममता से दुश्मनी मोल लेना उनके लिए फायदेमंद नहीं होगा। इसलिए, वे बागी खेमा छोड़कर वापस ममता बनर्जी के साथ आने की सोच रहे हैं। उन्हें डर है कि बगावत की वजह से वे राजनीतिक तौर पर अलग-थलग पड़ जाएंगे। उनका मानना है कि ममता बनर्जी के जनाधार और पार्टी में उनके दबदबे का सामना करना आसान नहीं है। उन्हें यह भी लग रहा है कि अगर वे पार्टी छोड़ते हैं, तो आने वाले चुनावों में जीतना मुश्किल हो जाएगा। जिन लोगों ने उन्हें वोट देकर जिताया, उन्हीं के बीच विरोध का सामना करना पड़ सकता है - यही डर उन्हें दोबारा सोचने पर मजबूर कर रहा है।
वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली से आ रही खबरें बताती हैं कि ममता कैंप में भी सब कुछ ठीक नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर तृणमूल के करीब 20 सांसद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ बातचीत कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि वे किसी भी वक्त पाला बदलकर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। अगर ऐसा होता है, तो यह तृणमूल के लिए बहुत बड़ा झटका होगा, क्योंकि संसद में विपक्षी खेमे में कांग्रेस के बाद TMC के ही सबसे ज़्यादा सांसद हैं।
