CJP ने दावा किया कि सरकार ने पहली बार बातचीत के लिए संपर्क किया है। पार्टी के नेता JP नड्डा से मिलने पहुंचे। संसद मार्च और सोनम वांगचुक के अनशन पर भी हलचल तेज हो गई।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को दावा किया कि केंद्र सरकार ने पहली बार उनसे बातचीत के लिए संपर्क किया है। पार्टी के नेताओं के अनुसार, संसद तक प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च से पहले सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई। CJP का यह दावा ऐसे समय सामने आया है, जब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया, जबकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।

JP नड्डा से मिलने पहुंचे CJP के प्रवक्ता

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि वह और पार्टी के दूसरे प्रवक्ता आशुतोष रांका केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं।उन्होंने लिखा, "अभी सुबह 11:52 बजे हैं। आशुतोष रांका और मैं, कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। सरकार ने आज सुबह बातचीत के लिए संपर्क किया था। हमारी मांगें स्पष्ट हैं। बड़ी संख्या में युवा जुटे हैं। हम जीतेंगे।"

सरकार की ओर से अभी तक नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि

CJP ने दावा किया कि सरकार ने उनसे बातचीत शुरू करने के लिए संपर्क किया है। हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से इस दावे की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रही भूख हड़ताल के दौरान सरकार की ओर से यह पहला औपचारिक संपर्क माना जाएगा।

'हम बातचीत के लिए तैयार हैं' : सौरव दास

सौरव दास ने पहले भी कहा था कि उनकी पार्टी सरकार से बातचीत करने के लिए तैयार है। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक उन्होंने कहा, "सरकार भले ही देर से आई है, लेकिन हमने खुले दिल से कहा है कि हम बातचीत के लिए तैयार हैं। अब फैसला सरकार को करना है। अभी तक उनकी ओर से कोई स्पष्ट बात नहीं कही गई है।"

सोनम वांगचुक के अनशन के बाद तेज हुआ आंदोलन

सोनम वांगचुक पिछले महीने से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। शनिवार, 18 जुलाई को पुलिस उन्हें इलाज के लिए सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। इसके बाद CJP के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भी समर्थन में अनिश्चितकालीन उपवास शुरू कर दिया।

'चलो संसद' मार्च पर अब भी स्थिति साफ नहीं

CJP ने सोमवार सुबह 9 बजे 'चलो संसद' मार्च निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस मार्च के लिए प्रशासन से अनुमति मिली है या नहीं। इस बीच, जंतर-मंतर के आसपास करीब 10,000 समर्थकों के जुटने की जानकारी सामने आई।

दिल्ली पुलिस ने नहीं दी मार्च की अनुमति

रविवार को दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली के कुछ इलाकों में BNSS की धारा 163 लागू कर दी थी। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) सचिन शर्मा ने कहा था कि इस तरह के किसी भी विरोध मार्च या जुलूस के लिए न तो अनुमति मांगी गई है और न ही अनुमति दी गई है। हालांकि, सोमवार सुबह जंतर-मंतर पर DCP सचिन शर्मा को CJP के प्रवक्ता सौरव दास से बातचीत करते हुए भी देखा गया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता जताई, जिस पर CJP नेताओं ने भरोसा दिलाया कि उनका मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा।