CM मोहन यादव ने बालाघाट के 100 गांवों के लिए 225 करोड़ रुपये की विकास पहल का ऐलान किया। नक्सलमुक्त क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, कृषि और बैगा समाज के विकास पर खास जोर होगा।
Balaghat Development: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 29 अगस्त को बालाघाट पहुंचे। उन्होंने पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे ग्राम बोंदारी में ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने जनजातीय समाज की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिए। इस दौरान पशुपालन को बढ़ावा देने, आवास सुविधाएं बेहतर करने, पोषण आहार को लेकर जागरूकता बढ़ाने, वन विभाग के सहयोग, चिकित्सा और शिक्षा की सुविधाओं को मजबूत करने के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम से पहले बालाघाट की लाड़ली बहनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को राखी भी बांधी।
Balaghat Development: 100 गांवों के लिए 225 करोड़ का प्लान
मुख्यमंत्री ने बालाघाट के 100 गांवों के समग्र विकास के लिए 225 करोड़ रुपये की विकास और आजीविका पहल आगे बढ़ाने की घोषणा की। सरकार का फोकस ऐसे क्षेत्रों में सामाजिक ढांचे को मजबूत करने के साथ ग्रामीणों, युवाओं, महिलाओं और जनजातीय समुदायों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। डॉ. यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य साफ है-“सुरक्षा के साथ विकास और विकास के साथ रोजगार।” नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर आए क्षेत्रों में अब सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते तैयार किए जाएंगे।
रोजगार और स्वरोजगार पर जोर, युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का मतलब सिर्फ सड़क बनाना नहीं है। जरूरत इस बात की है कि सड़क बाजार से जुड़े, गांव रोजगार से जुड़े और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही आगे बढ़ने के अवसर मिलें। बालाघाट में MSME और स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहित करने की योजना है। कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण को ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने का आधार बनाया जाएगा। सरकार की कोशिश होगी कि गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों का स्थानीय स्तर पर ही मूल्यवर्धन हो और उन्हें बड़े बाजारों तक पहुंचाया जा सके। महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को छोटे उद्यमों से जोड़ने पर भी जोर रहेगा।
Naxal-Free Balaghat: अब सुरक्षित से समृद्ध बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बालाघाट अब नक्सलवाद के प्रभाव से बाहर निकलकर विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, नक्सलमुक्त बालाघाट उपलब्धि है, लेकिन समृद्ध और आत्मनिर्भर बालाघाट अगला लक्ष्य है। सरकार का उद्देश्य हर गांव तक विकास पहुंचाना, युवाओं को अवसर देना, परिवारों की आय बढ़ाना और हर समाज को सम्मान के साथ आगे बढ़ाना है। इसके लिए सड़क, बिजली, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार के अवसर विकसित किए जाएंगे।
Baiga Tribal Development: शिक्षा से रोजगार तक फोकस
मुख्यमंत्री ने बैगा समाज के सर्वांगीण विकास को लेकर भी विशेष संकल्प जताया। उन्होंने कहा कि बैगा समुदाय मध्य प्रदेश की महत्वपूर्ण जनजातीय विरासत का हिस्सा है और इसके विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। बैगा परिवारों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, सड़क, बिजली और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर रहेगा। बैगा युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। पारंपरिक कला, संस्कृति, स्थानीय ज्ञान और उत्पादों को भी आजीविका तथा बाजार से जोड़ने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि बैगा समाज के बच्चों को बेहतर भविष्य मिले, युवाओं को अवसर मिलें और महिलाओं की आय बढ़े।
पर्यटन और स्थानीय उद्योगों को भी बढ़ावा
बालाघाट की प्राकृतिक संपदा और सांस्कृतिक विरासत को देखते हुए टूरिज्म, ईको-टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म को बढ़ावा देने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही। इसके जरिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने की कोशिश होगी। 225 करोड़ रुपये की पहल के तहत पंचायत एवं ग्रामीण विकास, ऊर्जा, शिक्षा, उद्योग, महिला एवं बाल विकास, आयुष, खाद्य, मत्स्य, स्वास्थ्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी, जनजातीय कार्य और पर्यटन समेत कई विभागों के जरिए विकास कार्य किए जाएंगे। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल, सांसद भारती पारधी, मंत्री संपतिया उइके, स्थानीय विधायक संजय उइके और मधु भगत समेत सरपंच एवं ग्रामीण मौजूद रहे।


