उज्जैन में रक्षाबंधन पर महाकाल मंदिर की महिला कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और सफाईमित्रों ने CM मोहन यादव को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने पुष्पवर्षा कर सम्मान किया।

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उज्जैन में भाई-बहन के स्नेह और अपनत्व की खूबसूरत तस्वीर देखने को मिली। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की महिला कर्मचारियों, महिला सुरक्षाकर्मियों और महिला सफाईमित्रों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। इस दौरान नगर निगम की महिला सफाईमित्रों ने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी।

Raksha Bandhan 2026: महिला कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी

रक्षाबंधन के मौके पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की महिला कर्मचारियों और महिला सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के साथ यह पर्व मनाया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री की कलाई पर राखी बांधकर भाई-बहन के रिश्ते के स्नेह और विश्वास को जाहिर किया। इस अवसर पर नगर निगम में कार्यरत महिला सफाईमित्र भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्होंने भी मुख्यमंत्री को राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

CM Mohan Yadav: पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री ने किया बहनों का सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राखी बांधने पहुंचीं सभी बहनों का आत्मीयता के साथ स्वागत किया। उन्होंने बहनों पर पुष्पवर्षा कर उनका सम्मान किया और सभी से राखी बंधवाई। रक्षाबंधन के इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री ने बहनों को स्नेहस्वरूप भेंट भी प्रदान की। इस दौरान मुख्यमंत्री और महिला कर्मचारियों के बीच अपनत्व और भाई-बहन के रिश्ते की भावना नजर आई।

Mahakal Temple: महिला कर्मचारियों और सफाईमित्रों में दिखा उत्साह

श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की महिला कर्मचारियों और महिला सफाईमित्रों के बीच मुख्यमंत्री के साथ रक्षाबंधन मनाने को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। उनके लिए यह अवसर भावुक होने के साथ-साथ यादगार भी रहा। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति अपना स्नेह और सम्मान व्यक्त किया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सभी बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

Raksha Bandhan Celebration: सम्मान और अपनत्व की दिखी झलक

रक्षाबंधन के इस आयोजन में भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के साथ सम्मान, स्नेह और अपनत्व की भावना भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने महिला कर्मचारियों, सुरक्षाकर्मियों और सफाईमित्रों के सेवाभाव और समर्पण की सराहना की। इस तरह रक्षाबंधन का यह आयोजन केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों के बीच सम्मान और आत्मीय संबंधों की झलक भी देखने को मिली।