Raksha Bandhan : भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने रक्षाबंधन से पहले महंगाई का अनोखा विरोध किया। उन्होंने अपने घर पर महिलाओं को बुलाया और चीनी के पैकेट बांटे, ताकि त्योहार की मिठास फीकी न पड़े।

भोपाल (मध्य प्रदेश): रक्षाबंधन का त्योहार और बढ़त महंगाई की टेंशन। इसी बीच, भोपाल मध्य सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने एक अनोखा तरीका निकाला है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं को घर पर बुलाया और उन्हें चीनी के पैकेट तोहफे में दिए। मसूद का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि चीनी की बढ़ती कीमतों का असर त्योहार की मिठास पर न पड़े। इस मौके पर विधायक के घर इकट्ठा हुईं महिलाओं ने उनकी कलाई पर राखी भी बांधी।

नाश्ता कराने के बाद दे रहे चीनी की पैकेट

  • ANI से बात करते हुए मसूद ने कहा, "चीनी के दाम लगातार बढ़ रहे थे, तो हमने हफ्ते भर पहले ही तय कर लिया था कि रक्षाबंधन पर हम अपनी बहनों को खाली हाथ नहीं भेजेंगे। हम उन्हें नाश्ता कराएंगे और चीनी के पैकेट देकर भेजेंगे ताकि रक्षाबंधन पर चीनी की कमी न हो। आज हम वही वादा पूरा कर रहे हैं।"
  • कांग्रेस विधायक ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोई त्योहार आता है तो बीजेपी सरकार लोगों की खुशियों में रुकावट डालने और माहौल खराब करने की कोशिश करती है।
    उन्होंने कहा, "हम इसकी निंदा करते हैं।"

मसूद ने कैलाश विजयवर्गीय पर कसा तसंज

  • मसूद ने बीजेपी के सीनियर नेता और मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर भी तंज कसते हुए कहा, "वो कहेंगे कि चीनी महंगी हो जाएगी, और हम कहेंगे कि हम इसे घर-घर जाकर बांटेंगे..."
  • मसूद ने पोस्ट में लिखा, "आज रक्षाबंधन से ठीक पहले, चीनी की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, मैंने अपनी विधानसभा क्षेत्र की बहनों को अपने घर बुलाया और उन्हें तोहफे में चीनी के पैकेट दिए, ताकि किसी भी बहन का रक्षाबंधन फीका न पड़े। बहनों ने मेरी कलाई पर राखी बांधी और मेरी लंबी उम्र और लगातार जीत के लिए दुआ की।

कौन हैं कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद?

  • बता दें कि आरिफ भोपाल मध्य (विधानसभा क्षेत्र 153) से कांग्रेस के लोकप्रिय और प्रमुख विधायक हैं। उनकी गिनती कांग्रेस के सीनियर नेताओं में होती है। जो अपने आए दिन अपने बयानों के कारण चर्चा में बने रहते हैं।
  • मसूद ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह लगातारा दो बार से विधायक हैं।
  • साल 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में पहली बार विधायक चुने गए और इसके बाद 2023 के विधानसभा चुनाव में दोबारा चुनाव जीते। वह ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कार्यकारी सदस्य भी हैं।
  • पहले वह समाजवादी पार्टी से भी जुड़े रहे, लेकिन बाद में कांग्रेस में लौट आए।