दिल्ली के तिलक नगर में मॉडल मुस्कान की हत्या करने वाले जिम ट्रेनर इमरान को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। जानिए आरोपी इमरान के 8 साल के आपराधिक इतिहास और पुराने मामलों की पूरी इनसाइड स्टोरी।
Delhi Muskan Murder Case: दिल्ली के तिलक नगर इलाके से एक ऐसी खबर आई है जो किसी को भी डरा दे। एक 21 साल की लड़की, जो दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ती थी और पार्ट-टाइम मॉडलिंग करती थी, उसकी उसके ही घर में चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। नाम था मुस्कान। और इस पूरी वारदात के पीछे जिस शख्स का नाम सामने आया है, वो कोई अनजान नहीं बल्कि उसका जिम ट्रेनर मोहम्मद इमरान उर्फ आकिब है। गुरुवार को राजौरी गार्डन में पुलिस के साथ एक एनकाउंटर के बाद इमरान को पकड़ा गया, लेकिन जब उसकी कुंडली खंगाली गई तो पुलिस भी हैरान रह गई। ये कोई पहली बार नहीं था जब उसने कानून तोड़ा हो। पिछले 8 सालों से वो लगातार एक से बढ़कर एक संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा था।
2018 का POCSO मामला: नाबालिग से छेड़छाड़ और बदतमीजी
इमरान का आपराधिक रिकॉर्ड आज का नहीं है। साल 2018 में भी तिलक नगर थाने में उसके खिलाफ बेहद गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। तब उस पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर POCSO एक्ट लगाया था। इसके अलावा उस पर लड़की का पीछा करने, उसे जानबूझकर चोट पहुंचाने और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने जैसे आरोप भी थे।
2021 का हमला: भारी पत्थर से सिर पर वार, पीड़ित कोमा में गया
बात यहीं खत्म नहीं हुई। 2021 में इमरान का नाम फिर से एक जानलेवा हमले और गैर-इरादतन हत्या के प्रयास में आया। दरअसल मामला 30 अक्टूबर 2020 की रात का था। आरोप था कि इमरान ने एक शख्स पर पत्थर की भारी पटिया से हमला कर दिया। उसने इतनी बेरहमी से पत्थर उसके सिर पर मारा कि जब वो जमीन पर गिर गया, तब भी इमरान नहीं रुका और उसकी नाक पर फिर से वार किया। इस हमले में पीड़ित का सिर बुरी तरह फट गया और वो कोमा में चला गया। करीब छह दिन तक वो अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ता रहा। बाद में अदालत के सख्त आदेश पर इमरान के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
2026 में मुस्कान का मर्डर: जिम की दोस्ती का खौफनाक अंजाम
इमरान और मुस्कान की मुलाकात करीब 18 महीने पहले एक जिम में हुई थी, जहां इमरान ट्रेनर का काम करता था। धीरे-धीरे इमरान की हरकतें बदलने लगीं। 18 जुलाई को मुस्कान ने थाने जाकर शिकायत भी की थी कि इमरान उसे परेशान कर रहा है, हालांकि तब उसने कोई लिखित शिकायत नहीं दी थी। जांच में यह भी पता चला कि इमरान को नशे की बहुत बुरी लत थी। उसे नशा-मुक्ति केंद्र भी भेजा गया था, लेकिन वहां उसने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, जिसके बाद 30 जुलाई को उसे वहां से छोड़ दिया गया। फिर आई 26 अगस्त की वो काली तारीख। इमरान चुपके से मुस्कान के घर पहुंचा, जब वो अकेली थी। दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई और गुस्से में इमरान ने चाकू निकालकर उस पर कई वार कर दिए। मुस्कान वहीं ढेर हो गई। भागने से पहले इमरान मुस्कान का आईफोन भी अपने साथ ले गया, ताकि उनकी चैट और मैसेज के डिजिटल सबूत मिटा सके।
राजौरी गार्डन में एनकाउंटर: पैरों में लगीं 3 गोलियां और गिरफ्तार
इस खौफनाक कत्ल के बाद दिल्ली पुलिस ने इमरान को पकड़ने के लिए 15 से ज्यादा टीमें बनाईं। इमरान लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। गुरुवार को राजौरी गार्डन के सब-रजिस्ट्रार दफ्तर के पास पुलिस की टीम ने उसे घेर लिया। खुद को घिरता देख इमरान ने हार मानने की बजाय पुलिस पर गोलियां चला दीं। इमरान की तरफ से 4 राउंड फायरिंग हुई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी 7 राउंड गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में 3 गोलियां इमरान के पैरों में लगीं और वो वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया और गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड, नशे के कनेक्शन और फोन से मिटाए गए सबूतों की गहराई से जांच कर रही है।


