लखनऊ में नाका थाने के SI गोपेश शर्मा पर राहुल त्रिवेदी ने मारपीट, कार में तोड़फोड़ और ₹15 हजार छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। जानिए पूरा मामला और पुलिस जांच में सामने आए सवाल।
लखनऊ में एक वायरल वीडियो ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाका थाने में तैनात बताए जा रहे एसआई गोपेश शर्मा पर एक युवक ने मारपीट, कार में तोड़फोड़ और करीब 15 हजार रुपये छीनकर फेंकने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने खुद वीडियो बनाकर अपनी शिकायत से जुड़ी बातें सोशल मीडिया पर साझा कीं, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, एसआई पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में घटना की वास्तविकता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
युवक ने Video में क्या आरोप लगाए?
पीड़ित राहुल त्रिवेदी का दावा है कि एसआई गोपेश शर्मा ने उसके साथ मारपीट की। राहुल ने आरोप लगाया कि घटना के समय एसआई नशे की हालत में थे और उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। युवक के मुताबिक, विवाद के दौरान उसकी कार को भी नुकसान पहुंचाया गया।
उसने यह भी दावा किया कि उसके पास मौजूद करीब ₹15 हजार रुपये ले लिए गए और बाद में पैसे फेंक दिए गए। राहुल ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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Viral Video में क्या दिख रहा है?
घटना से जुड़ा बताया जा रहा वीडियो राहुल त्रिवेदी ने रिकॉर्ड किया और बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। वीडियो में कथित तौर पर विवाद के दौरान अभद्र भाषा सुनाई देने की बात भी सामने आई है। लेकिन केवल वायरल वीडियो के आधार पर घटना की पूरी परिस्थितियों का निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। जांच में यह देखना जरूरी होगा कि वीडियो कब और कहां बनाया गया, उसमें दिख रही परिस्थितियां क्या हैं और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य क्या कहते हैं।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि युवक और एसआई के बीच विवाद की शुरुआत आखिर कैसे हुई? क्या वास्तव में मारपीट हुई, कार को नुकसान पहुंचाया गया और पैसे छीने गए? इसके अलावा एसआई के कथित नशे में होने के दावे की भी जांच जरूरी होगी। पुलिस जांच में वायरल वीडियो के अलावा प्रत्यक्षदर्शियों, घटनास्थल, सीसीटीवी फुटेज और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों को देखा जा सकता है।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में है, लेकिन आरोपों को अंतिम सच मानने से पहले जांच के नतीजों का इंतजार जरूरी है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो के पीछे पूरी कहानी क्या थी और आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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