UK Racism Incident: UK घूमने गईं एक भारतीय महिला को कुछ लड़कों ने नस्लीय टिप्पणी कर परेशान किया. झील के किनारे हुई इस घटना की शिकायत पुलिस से की गई, जिसके बाद अधिकारियों ने लड़कों के पेरेंट्स को वॉर्निंग दी. महिला ने अपना पूरा अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया है.
UK Indian Woman Viral Video: यूके (UK) घूमने गईं एक भारतीय महिला ने सोशल मीडिया पर अपना एक बुरा अनुभव शेयर किया है. उन्होंने बताया कि कैसे एक झील के किनारे कुछ लड़कों के एक ग्रुप ने उनके साथ नस्लीय भेद-भाव और बदसलूकी की. इंस्टाग्राम यूजर @that_random_explorer ने दो पार्ट की वीडियो सीरीज में इस पूरी घटना के बारे में विस्तार से बताया है.
क्या है पूरा मामला?
महिला अपने दोस्तों के साथ एक झील के किनारे आराम कर रही थीं. तभी पास में तैर रहे 13 से 14 साल के 5-6 लड़कों के एक ग्रुप ने उन पर कीचड़ फेंकना शुरू कर दिया. महिला ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि बच्चे शायद मजाक कर रहे हैं, इसलिए उन्होंने कुछ नहीं कहा. लेकिन लड़कों ने उन्हें परेशान करना बंद नहीं किया.
इसके बाद ग्रुप ने लड़कों को चेतावनी दी, "प्लीज हमें परेशान मत करो, वरना हमें पुलिस को बुलाना पड़ेगा." लेकिन लड़के नहीं माने और उन्होंने नस्लीय और धार्मिक कमेंट्स करना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा, "तुम मुस्लिम हो." महिला ने बताया कि उन्होंने साफ किया कि वे मुस्लिम नहीं हैं, लेकिन ये बात धर्म से ज्यादा उन्हें जानबूझकर परेशान करने की थी.
पुलिस को बुलाया, पर नहीं मिली मदद
जब हालात बिगड़ने लगे तो महिला के पति ने पुलिस को फोन कर शिकायत की. फोन पर अधिकारियों ने लड़कों का शोर सुना और मदद के लिए इंतजार करने को कहा. लेकिन करीब एक घंटे तक इंतजार करने के बाद भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. यह देखकर लड़के वापस आए और हंसते हुए मजाक उड़ाने लगे, "कहां है तुम्हारी पुलिस?" एक लड़का तो जूस की बोतल लेकर उन पर फेंकने के लिए आगे भी आया, लेकिन वीडियो रिकॉर्डिंग होते देख पीछे हट गया.
पुलिस ने बाद में लिया एक्शन
मामले को बढ़ता देख टूरिस्ट ग्रुप वहां से चला गया. लेकिन उसी दिन रात करीब 10 बजे पुलिस ने उनसे दोबारा संपर्क किया. पुलिस ने बताया कि उन्होंने झील के पास जाकर उन लड़कों की पहचान कर ली है. अधिकारियों ने यह भी कहा कि लड़कों के पेरेंट्स के सामने उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई है और इस घटना के लिए अफसोस जताया है.
अधिकारियों ने महिला को दो ऑप्शन दिए:
1. मामले को कोर्ट तक ले जाना.
2. पुलिस को लड़कों के पेरेंट्स को लिखित चेतावनी देने की इजाजत देना.
महिला ने बताया कि उनका मकसद बदला लेना नहीं था, बल्कि यह साफ करना था कि इस तरह की नस्लीय बदसलूकी का नतीजा भुगतना पड़ता है. इसलिए उन्होंने दूसरा ऑप्शन चुना.
सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या कहा?
यह वीडियो ऑनलाइन वायरल होने के बाद लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कई लोगों ने महिला की तारीफ की कि उन्होंने गुस्सा नहीं किया और सबूत के तौर पर वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. कुछ लोगों ने यूके पुलिस की कार्रवाई की भी सराहना की. एक यूजर ने कमेंट किया, "बच्चों का यह बर्ताव दिखाता है कि उनके मां-बाप ने उन्हें क्या सिखाया है." एक अन्य यूजर ने लिखा, "गोवा का होने के नाते, मुझे लगता है कि यूरोप से ज्यादा नस्लवाद भारत में है." वहीं एक और यूजर ने कमेंट किया, "यहां संतुष्टि का स्तर अपने चरम पर है."
