BJP Social Media Strategy में मीम और व्यंग्य का इस्तेमाल बढ़ा है। कांग्रेस और राहुल गांधी को निशाना बनाने वाली पोस्ट में राज्य इकाइयां भी सक्रिय हैं। जानें BJP की नई सोशल मीडिया रणनीति और 'दिमागी नक्सल' नैरेटिव।
Dimagi Naxal BJP Narrative: भारतीय जनता पार्टी में हाल ही में हुए संगठनात्मक फेरबदल का असर अब इंटरनेट पर साफ दिखने लगा है। सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही जुबानी जंग ने अब नया मोड़ ले लिया है। जब से दीपक म्हास्के ने पार्टी के सोशल मीडिया कन्वीनर की कमान संभाली है, X (पहले ट्विटर) से लेकर दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर मीम्स, व्यंग्य और चुटीले वीडियोज की बाढ़ आ गई है। इन पोस्ट्स का सीधा निशाना कांग्रेस और उसके बड़े नेता हैं।
BJP Social Media Strategy: अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के, बदला काम का अंदाज
दरअसल, यह पूरा बदलाव अमित मालवीय के पद से हटने के कुछ ही दिनों बाद देखने को मिला है। मालवीय करीब 11 सालों तक बीजेपी के डिजिटल वॉर रूम के मुख्य रणनीतिकार रहे थे। अब म्हास्के के साथ टीम को मजबूती देने के लिए प्रीति गांधी, शिवानंद द्विवेदी, आलोक भट्ट और अरुण यादव को सह-संयोजक बनाया गया है। इस नई टीम के आते ही बीजेपी की राज्य इकाइयों के X अकाउंट्स काफी एक्टिव हो गए हैं। अलग-अलग राज्यों के हैंडल एक-दूसरे की पोस्ट को रिट्वीट, टैग और कोट कर रहे हैं। राहुल गांधी और कांग्रेस पर तंज कसने के लिए बॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों की मशहूर क्लिप्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
'Dimagi Naxal' और 'Smash the Patriarchy': नैरेटिव की सीधी जंग
बीजेपी की यह नई ब्रिगेड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गढ़े गए "दिमागी नक्सल" वाले नैरेटिव को तेजी से आगे बढ़ा रही है। 15 अगस्त को पीएम के इस शब्द का इस्तेमाल करने के बाद केरल कांग्रेस ने पलटवार किया था। इसके बाद बीजेपी ने तय किया कि कांग्रेस के हर हमले का आक्रामक जवाब दिया जाएगा और सभी राज्य इकाइयों को इसमें जोड़ा गया। साथ ही, राहुल गांधी ने पिछले दिनों पुणे में "स्मैश द पैट्रियार्की" (पितृसत्ता को खत्म करो) का नारा दिया था। बीजेपी की सोशल मीडिया टीम अब राहुल गांधी के इस बयान के बहाने उनके "दोहरे मापदंडों" को उजागर करने के लिए मीम्स का सहारा ले रही है।
BJP vs Congress X War: क्या वाकई बदल गई बीजेपी की रणनीति?
हालांकि, बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि रणनीति में कोई अचानक बड़ा बदलाव नहीं आया है। पार्टी के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, पार्टी की मूल विचारधारा और मकसद वही है, बस काम करने की शैली और पेश करने का तरीका बदला है। बीजेपी लंबे समय से संस्थागत रूप से काम कर रही है और सोशल मीडिया सेल किसी एक व्यक्ति की सोच पर नहीं, बल्कि पार्टी की नीतियों पर चलता है। पहले बीजेपी का ज्यादा फोकस इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर रहता था, लेकिन अब रणनीति के तहत X पर भी पूरी ताकत झोंकी जा रही है। पार्टी का मानना है कि जहां देश की मुख्य राजनीतिक चर्चाएं होती हैं, उस मैदान को खाली नहीं छोड़ा जा सकता।
BJP Guidelines for Social Media: मर्यादा में रहकर तीखा प्रहार
BJP के एक नेता के मुताबिक पार्टी मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए अपनी सोशल मीडिया रणनीति तैयार करती है। उनके अनुसार, अमित मालवीय के हटने से पार्टी के आक्रामक सोशल मीडिया रुख में कमी आने की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। नेता ने कहा कि सोशल मीडिया सेल की शुरुआत से ही कुछ दिशानिर्देश तय हैं और आगे भी उनका पालन किया जाएगा। इनमें एक प्रमुख निर्देश यह है कि BJP विपक्ष पर हमला करते समय कांग्रेस की तरह निचले स्तर की भाषा का इस्तेमाल नहीं करेगी। पार्टी मजाक, मीम और व्यंग्य के जरिए राजनीतिक विरोधियों पर तीखे सवाल उठा सकती है, लेकिन अभद्र या आपत्तिजनक पोस्ट से बचने की नीति जारी रहेगी। इस तरह BJP का मौजूदा सोशल मीडिया अभियान एक तरफ कांग्रेस के खिलाफ राजनीतिक संदेश को तेज करने पर केंद्रित है, तो दूसरी ओर पार्टी अपनी पुरानी सोशल मीडिया व्यवस्था को ही नए अंदाज में इस्तेमाल करने का दावा कर रही है।


