शहबाज शरीफ की लंदन में Rothschild & Co अधिकारियों से मुलाकात पर पाकिस्तान में जमकर विवाद हुआ। आखिर क्या है इस विवाद के पीछे की वजह?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की लंदन में रॉथ्सचाइल्ड एंड कंपनी (Rothschild & Co) के अधिकारियों के साथ हुई बैठक को लेकर पाकिस्तान में बवाल मच गया है। सोशल मीडिया पर कुछ पाकिस्तानी यूजर्स और राजनीतिक समर्थकों ने इस मुलाकात को रॉथ्सचाइल्ड परिवार के इतिहास, यहूदी राष्ट्रवाद यानी जायोनिज्म और इजराइल के गठन से जोड़कर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, आधिकारिक जानकारी के मुताबिक यह बैठक रॉथ्सचाइल्ड परिवार के सदस्यों के साथ नहीं, बल्कि वित्तीय कंपनी Rothschild & Co के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई थी।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही शहबाज शरीफ की आलोचना
- बैठक की जानकारी सामने आने के बाद X और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कुछ पाकिस्तानी यूजर्स ने शहबाज शरीफ और उनकी सरकार की आलोचना की।
- कुछ आलोचकों ने रॉथ्सचाइल्ड परिवार के ऐतिहासिक संबंधों का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि पाकिस्तान की सरकार इजराइल को लेकर अपने पुराने रुख के बावजूद ऐसी कंपनी के अधिकारियों से बातचीत क्यों कर रही है।
- पाकिस्तानी कॉलमिस्ट राजा मुनीब ने सोशल मीडिया पर इस मुलाकात को लेकर आलोचनात्मक टिप्पणी की। इसी तरह लेखिका और मानवाधिकार कार्यकर्ता हुमैरा वजाहत ने भी बैठक पर सवाल उठाए और इसे इजराइल के इतिहास से जोड़कर टिप्पणी की।
- इस्लामाबाद से जुड़े PTI समर्थक चौधरी एहतेशाम मुस्तफा ने भी बैठक को लेकर शहबाज शरीफ की सरकार पर निशाना साधा और रॉथ्सचाइल्ड परिवार के इतिहास का हवाला दिया।
रॉथ्सचाइल्ड एंड कंपनी के अधिकारियों से क्या बातचीत हुई?
- पाकिस्तान PMO के मुताबिक, शहबाज शरीफ ने मंगलवार, 29 सितंबर को लंदन में Rothschild & Co के जियो-स्ट्रेटेजिक एडवाइजरी के चेयरमैन लॉर्ड मार्क सेडविल और UK इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के प्रमुख माजिद इशाक से मुलाकात की।
- बैठक में पाकिस्तान की जियो-इकोनॉमिक प्राथमिकताओं, कैपिटल मार्केट और निवेश रणनीति से जुड़े संभावित सलाहकारी सहयोग पर चर्चा हुई। बैठक में पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब और निजीकरण मामलों के प्रधानमंत्री के सलाहकार मुहम्मद अली भी मौजूद थे।
- शहबाज शरीफ की यह मुलाकात लंदन में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के साथ उनकी बैठकों की श्रृंखला का हिस्सा थी। उन्होंने Rothschild & Co के अलावा Barclays, J.P. Morgan, Citi और BlackRock के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकात की और पाकिस्तान में निवेश तथा वित्तीय क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील की।
बैठक को इजराइल से क्यों जोड़ा गया?
- पाकिस्तान में इस बैठक की आलोचना का एक कारण Rothschild नाम का इजराइल और जायोनिज्म के इतिहास से जोड़ा जाना है। सोशल मीडिया पर कुछ आलोचकों ने दावा किया कि रॉथ्सचाइल्ड परिवार का जायोनिस्ट आंदोलन और फिलिस्तीन में यहूदी बस्तियों के विकास से ऐतिहासिक संबंध रहा है।
- इसी आधार पर कुछ लोगों ने शहबाज शरीफ की बैठक पर सवाल उठाए और इसे पाकिस्तान के इजराइल को लेकर लंबे समय से चले आ रहे आधिकारिक रुख के संदर्भ में देखा।
पाकिस्तान का इजराइल को लेकर क्या रुख है?
- पाकिस्तान और इजराइल के बीच राजनयिक संबंध नहीं हैं। पाकिस्तान लंबे समय से फिलिस्तीनी मुद्दे के समाधान को इजराइल को मान्यता देने से जोड़ता रहा है।
- इस्लामाबाद फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन करता है और उसका आधिकारिक रुख 1967 से पहले की सीमाओं के आधार पर फिलिस्तीन राज्य की स्थापना का रहा है, जिसकी राजधानी पूर्वी यरुशलम यानी अल-कुद्स अल-शरीफ हो।
- इसी वजह से पाकिस्तान में कुछ लोगों ने शहबाज शरीफ की Rothschild & Co के अधिकारियों के साथ मुलाकात को राजनीतिक और विदेश नीति के नजरिए से भी देखा।


