दिल्ली प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद शाकिब अल हसन के घर पर खौफनाक पेट्रोल बम हमला! क्या शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी की हुंकार ने देश में एक नया खूनी अध्याय शुरू कर दिया है? जानिए क्या है पर्दे के पीछे का सच!

नई दिल्ली/ढाका: पूर्व बांग्लादेशी क्रिकेट कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन के मगुरा शहर स्थित पुश्तैनी घर पर बुधवार रात बड़ा हमला हुआ। स्थानीय समयानुसार रात करीब 8:45 बजे उपद्रवियों ने उनके घर पर पेट्रोल बम फेंके और जमकर तोड़-फोड़ की। यह हमला भारत में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाकिब की मौजूदगी के महज कुछ ही घंटों बाद हुआ।

हसीना का भारत से बड़ा ऐलान: 'मौत या गिरफ्तारी मंजूर, लेकिन...'

नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वर्चुअली जुड़ते हुए शेख हसीना ने दिसंबर में बांग्लादेश लौटने का अपना पक्का इरादा जताया। उन्होंने कहा, "मेरी वापसी सत्ता के लिए नहीं, बल्कि देश को समृद्धि और धर्मनिरपेक्षता की राह पर लाने के लिए है। मुझे पता है कि वे मुझे जेल में डाल सकते हैं या मार सकते हैं, लेकिन मैं अपने लोगों के बीच वापस जाऊंगी।" बता दें कि 5 अगस्त 2024 को सरकार गिरने के बाद से हसीना भारत में रह रही हैं, जबकि ढाका की एक विशेष अदालत उन्हें उनकी गैर-मौजूदगी में फांसी की सजा सुना चुकी है।

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हमले के पीछे कौन? अवामी लीग ने लगाए गंभीर आरोप

अवामी लीग ने इस हमले को अवामी कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी हिंसा का हिस्सा करार दिया। पार्टी के आधिकारिक बयान के अनुसार:

  • राजनैतिक प्रतिशोध: अवामी लीग ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की कीमत शाकिब को चुकानी पड़ी है।
  • मीडिया को धमकियां: पार्टी का दावा है कि BNP, इस्लामी जमात और NCP ने मीडिया संस्थानों को प्रेस कॉन्फ्रेंस कवर करने पर कानूनी कार्रवाई की खुली धमकी दी थी।
  • लोकतंत्र पर खतरा: घटना को बांग्लादेश पर गहराते 'नव-फासीवाद' का सीधा संकेत बताया गया।

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बढ़ता कूटनीतिक तनाव: भारत से जवाब तलब

इस घटनाक्रम ने भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक दरार को और गहरा कर दिया है। हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। उनकी सरकार गिरने के बाद वह ढाका छोड़कर भारत आई थीं। पिछले वर्ष बांग्लादेश की एक विशेष ट्रिब्यूनल ने छात्र आंदोलन से जुड़े मामलों में उन्हें गैर-मौजूदगी में मृत्युदंड सुनाया था, जिसके बाद ढाका कई बार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है। शेख हसीना, उनके बेटे साजीब वाज़ेद जॉय और पूर्व शिक्षा मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नौफेल द्वारा भारतीय सरजमीं से वैश्विक मीडिया को संबोधित करने के कदम पर बांग्लादेश की वर्तमान सरकार ने सख्त आपत्ति जताते हुए नई दिल्ली से स्पष्टीकरण मांगा है।

अब नजर जांच और राजनीतिक प्रतिक्रिया पर

शाकिब अल हसन के घर पर हमला ऐसे समय हुआ है, जब बांग्लादेश में राजनीतिक माहौल पहले से बेहद तनावपूर्ण है। फिलहाल हमले की जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं है कि इसके पीछे कौन लोग थे। इस घटना ने सुरक्षा, राजनीतिक हिंसा और भारत-बांग्लादेश संबंधों को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

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