Shocking Crime Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक पति अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल की सजा काट रहा था, वह आखिर जिंदा मिली। जब महिला को पुलिस और युवक के परिवार ने देखा तो वह हैरान थे। क्योंकि वो किसी और के साथ नहीं अपने मौसेरे भाई के साथ थी। 

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के महेवाघाट थाना क्षेत्र जो मामला सामने आया है वह बेहद हैरान करने वाला है। जहां एक पति अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में जेल की सजा काटकर आया आखिर वही बीवी जिंदा निकली। इतना ही नहीं वो दिल्ली में अपने मौसेरे भाई के साथ मिली। इसके बाद तो हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों को समझ नहीं आ रहा था, जिसके मर्डर में पति जेल जाकर आया वो कैसे जिंदा मिल सकती है। लेकिन उसका सच ससुरालवाले जानते थे।

पीड़ित के पिता ने बताई शादी से अब तक की कहानी

दरअसल, पीड़ित पति राजू तिवारी के पिता योगेंद्र तिवारी ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे की शादी 2016 में टेवां निवासी शारदा मिश्रा की बेटी अंकिता तिवारी के साथ की थी। लेकिन शादी के कुछ दिन बाद से ही बहू का व्यवहार बदल गया और वह जरा-जरा सी बात पर लड़ने लगती थी। इसलिए अक्सर वो अपने मायके में ही रहती थी। फिर एक दिन वो अचानक से घर के सारे गहने और कैश लेकर फरार हो गई। उसे काफी तलाशा, लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला। इसके बाद अंकिता के मायके वालों ने राजू के खिलाफ हत्या करने का मामला दर्ज करा दिया। आखिरकार परेशान होकर राजू ने पुलिस दबाव कारण पिछले महीने 27 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया और तब से जेल में बंद सजा काट रहा है।

पति जेल में और पत्नी दिल्ली में ऐश की जिंदगी जी रही थी

बता दें कि इस मामले में नया मोड़ जब आया तब अंकिता कुछ दिन पहले दिल्ली में अपने मौसेरे भाई रामू उर्फ संकल्प मिश्रा के साथ जिंदा मिली। अब पुलिस ने इस केस की फाइल दोबारा ओपन करी और महिला की मां शारदा मिश्रा और उनके भाई गोपाल मिश्रा के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर गया। मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह ने जब सख्ती से पूछताछ की तो आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अधिकारी ने बताया कि आपने ना सिर्फ एक सच छिपाया, बल्कि पुलिस को भी गुमराह किया है। साथ ही एक निर्दोष व्यक्ति जेल की सजा दिलवाई।