अयोध्या राम मंदिर में दान हेराफेरी के आरोपों की SIT जांच कर रही है। टीम दान पेटी से बैंक तक पैसे जमा होने की पूरी प्रक्रिया की छानबीन कर रही है। CM के आदेश पर हो रही इस जांच की रिपोर्ट 15 दिनों में सरकार को सौंपी जाएगी।
नई दिल्ली: अयोध्या के राम मंदिर में मिले करोड़ों रुपये के दान में हेराफेरी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने मंदिर में अपनी जांच तेज कर दी है। टीम ने दान पेटियों को खोलने से लेकर पैसा बैंक में जमा होने तक के पूरे प्रोसेस की बारीकी से जांच की। लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अगुवाई वाली तीन सदस्यों की टीम ने मंदिर पहुंचकर 8 घंटे से भी ज्यादा समय तक छानबीन की। ये जांच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोप लगाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर शुरू हुई है।

दान पेटियों को मंदिर ट्रस्ट के एक खास कमरे में ले जाया जाता है। इसके बाद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से नियुक्त एक प्राइवेट एजेंसी पैसे की गिनती करती है। इस काम में करीब 50 कर्मचारी लगे हैं, जिन पर नजर रखने के लिए ट्रस्ट के अधिकारी और बैंक कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। SIT ने पैसे गिनने वाले कमरे की CCTV फुटेज, कर्मचारियों के आने-जाने के रिकॉर्ड और पिछले एक साल में नौकरी पर रखे गए या नौकरी छोड़ने वालों की जानकारी इकट्ठा की है।
जांच का मुख्य मकसद यह पता लगाना है कि दान पेटियों से निकले पैसे और बैंक खातों में जमा हुई रकम में कोई अंतर तो नहीं है। इससे पहले पुलिस ने पैसे की गिनती से जुड़े मंदिर के एक कर्मचारी को हिरासत में लिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उसके घर की तलाशी में लाखों रुपये भी मिले थे। जांच टीम को अपनी फाइनल रिपोर्ट सरकार को सौंपने के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। जांच ठीक से चलती रहे, इसके लिए SIT ने राम मंदिर परिसर में ही अपना एक अस्थायी ऑफिस भी बना लिया है।
