Sonam Wangchuk Health Bulletin: दिल्ली की सफदरजंग अस्पताल ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को लेकर हेल्थ बुलेटिन जारी किया है। साथ ही जो मेडिकल रिपोर्ट दी है वह चौंकाने वाली है। जिसे देखकर उनकी पत्नी गीतांजलि और वांगचुक के निजी हैरान हैं।
नई दिल्ली: एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के डॉक्टर, डॉ. नितिन दिघे ने शनिवार को सफदरजंग अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट पर "शक" जताया है। अस्पताल की रिपोर्ट में वांगचुक के शरीर में पोटैशियम की कमी बताई गई है, लेकिन डॉ. दिघे का कहना है कि उन्होंने शुक्रवार को दोपहर 3 बजे वांगचुक का ब्लड सैंपल लिया था, जिसमें पोटैशियम का लेवल नॉर्मल था।
पत्नी को रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं डॉक्टर?
डॉ. दिघे ने ANI को बताया कि अस्पताल वांगचुक की मेडिकल रिपोर्ट नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह खुद वांगचुक का ब्लड सैंपल लेकर उसकी रिपोर्ट कराएंगे और मीडिया के सामने पेश करेंगे। उन्होंने कहा, "मेरी टीम और मैं पिछले 20 दिनों से उनकी जांच कर रहे हैं। उनके वकीलों और हमें अब तक उनसे मिलने नहीं दिया गया है। उनकी पत्नी यहां हैं, और उन्हें मिलने दिया जा रहा है। मैंने उनसे पूछा कि उन्हें यहां क्यों रखा गया है, तो हमें बताया गया कि उनमें पोटैशियम की कमी है। मैंने कल दोपहर 3 बजे उनका ब्लड सैंपल लिया था, और उस समय पोटैशियम नॉर्मल था। यह 4.8 था, जबकि नॉर्मल वैल्यू 3.5 से ऊपर होती है। अब, वे कह रहे हैं कि वैल्यू गिर गई है। जब उनकी पत्नी रिपोर्ट मांग रही हैं, तो वे उन्हें रिपोर्ट नहीं दे रहे हैं। यह संदिग्ध है, इसलिए मैं उनका खून इकट्ठा कर रहा हूं और रिपोर्ट के लिए ले जा रहा हूं। मैं रिपोर्ट आपको पेश करूंगा।"
दो रिपोर्ट दोनों अलग अलग क्यों?
- डॉ. दिघे ने बताया कि सफदरजंग अस्पताल की इन संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे आंगमो ने उन्हें डिस्चार्ज करने और किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की इजाजत के लिए एक एप्लीकेशन दी है।
- डॉ. दिघे ने कहा, "हमें सरकारी लैब पर भरोसा नहीं है। उनकी पत्नी ने सरकारी अस्पताल को लिखित में दिया है कि उन्हें जल्द से जल्द यहां से डिस्चार्ज किया जाए और हमें उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने की इजाजत दी जाए।
- उनकी पत्नी ने कहा है कि 20 जुलाई को संसद तक होने वाला मार्च तय कार्यक्रम के अनुसार होगा और सर (वांगचुक) भी इसका हिस्सा होंगे, लेकिन अगर वह नहीं आते हैं, तो उनकी पत्नी इसमें शामिल होंगी।"
सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन
- सफदरजंग अस्पताल द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, 59 वर्षीय वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा लाए जाने के बाद शनिवार सुबह 7:40 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें 20 दिनों से ठोस भोजन न करने और सामान्य कमजोरी की हिस्ट्री के साथ भर्ती किया गया था। बेहोशी जैसी कोई शिकायत नहीं थी।
- बुलेटिन में कहा गया, "भर्ती के समय, वह होश में थे और उनकी पल्स, ब्लड प्रेशर और ऑक्सीजन सैचुरेशन स्थिर था। डिहाइड्रेशन के लक्षण देखे गए। ब्लड गैस एनालिसिस में सीरम पोटैशियम में कमी और 78 mg/dl का ब्लड शुगर पाया गया। दोबारा जांच में भी सीरम पोटैशियम वैसा ही था। भर्ती के समय यूरिनरी कीटोन 1+ था, जो दोपहर 1:00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गया।"
- बुलेटिन में आगे कहा गया, "हालांकि नसों के जरिए ड्रिप (intravenous fluids) चढ़ाने की सलाह दी गई थी, लेकिन मरीज ने किसी भी तरह के IV फ्लूइड, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड या कोई अन्य दवा लेने से इनकार कर दिया है। उनकी सेहत के हित में उनकी लगातार निगरानी की जा रही है और इलाज के लिए समझाया जा रहा है।"
जानिए क्या है पूरा मामला?
- वांगचुक NEET पेपर लीक विवाद सहित देश भर में परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर 20 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे।
- इससे पहले आज, दिल्ली पुलिस ने कहा कि वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों और मेडिकल सलाह पर उन्हें जंतर-मंतर के विरोध स्थल से सफदरजंग अस्पताल में शिफ्ट किया गया था।


