नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें स्वतंत्रता आंदोलन का महानायक बताया। उन्होंने नेताजी के साहस, संकल्प और राष्ट्रप्रेम को प्रेरणास्रोत बताते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस भारत की आजादी का ऐसा नाम हैं, जो प्रत्येक भारतीय के मन में सर्वोच्च सम्मान के साथ-साथ विपरीत परिस्थितियों में देशद्रोही और देशविरोधी तत्वों के सामने न झुकने का संकल्प पैदा करता है। भारत माता के इस सच्चे सपूत का नाम लेते ही हर भारतीय के हृदय में श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना स्वतः जागृत हो जाती है।

नेताजी सुभाष जयंती पर हजरतगंज में भावपूर्ण कार्यक्रम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये विचार नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पावन जयंती के अवसर पर लखनऊ के नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज में आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने नेताजी को स्वतंत्रता आंदोलन का महानायक बताते हुए आजादी की लड़ाई में उनके अमूल्य योगदान के लिए कृतज्ञता प्रकट की और उनके चित्र पर प्रदेशवासियों की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए।

“तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” बना स्वतंत्रता का मंत्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का “तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा” का आह्वान पूरे देश के लिए स्वतंत्रता का मंत्र बन गया था। उनके एक-एक शब्द ने आजादी की लड़ाई को नई ऊर्जा दी। “दिल्ली चलो” का उनका उद्घोष आज भी हर भारतीय को प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि “कदम कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा…” गीत आज भी भारतीय सेना के दीक्षांत समारोहों में गर्व के साथ गाया जाता है। ऐसा कोई भारतीय नहीं होगा, जिसके मन में नेताजी के प्रति श्रद्धा और सम्मान न हो।

स्वतंत्रता आंदोलन को दी नई दिशा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेताजी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता आंदोलन को एक नई दिशा प्रदान की। उन्होंने क्रांतिकारियों के अग्रणी नेता के रूप में आजादी की लड़ाई का नेतृत्व किया। भारत के भीतर और विदेशों में रहकर उन्होंने स्वतंत्रता के लिए जो संघर्ष किया, वह अविस्मरणीय और प्रेरणादायी है। जर्मनी, जापान सहित अनेक देशों में जाकर उन्होंने भारत की आजादी का संदेश फैलाया।

आईसीएस छोड़कर आजादी की राह चुनी

मुख्यमंत्री ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म वर्ष 1897 में कटक में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता परिवार में हुआ था। उच्च शिक्षा के लिए वे ब्रिटेन गए और आईसीएस परीक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया, लेकिन अंग्रेजी शासन की सेवा करने से इनकार कर स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेताजी का विराट व्यक्तित्व और राष्ट्र के प्रति उनका अमूल्य योगदान आज भी हम सभी को प्रेरणा देता है। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से नेताजी के श्रीचरणों में नमन किया।

कार्यक्रम में कई गणमान्य जन रहे उपस्थित

इस अवसर पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधान परिषद सदस्य एवं कार्यक्रम के आयोजक अवनीश कुमार सिंह, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, अंगद सिंह, पवन सिंह चौहान सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।