सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के एक लॉ स्टूडेंट की जमानत बरकरार रखी है। छात्र पर नशे में गाड़ी चलाकर 1 महिला की जान लेने और 7 को घायल करने का आरोप था। कोर्ट ने माना कि यह घटना नशे के कारण हुई, जानबूझकर नहीं।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के एक लॉ स्टूडेंट को दी गई जमानत को बरकरार रखा है। इस छात्र पर नशे में तेज रफ्तार कार चलाकर एक महिला की जान लेने और 7 लोगों को घायल करने का आरोप है। गुजरात हाईकोर्ट ने छात्र को जमानत दे दी थी, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी जमानत के फैसले को सही ठहराया है।

'उसने नहीं, उसके अंदर के नशे ने किया'

13 मार्च, 2025 को गुजरात के रहने वाले छात्र रक्षित चौरसिया ने नशे में धुत होकर तेज रफ्तार कार से यह हादसा किया था। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश कई लोगों के लिए चौंकाने वाला है। कोर्ट ने माना कि छात्र ने यह जानबूझकर नहीं किया, बल्कि ड्रग्स के नशे में यह घटना हो गई। इसी आधार पर उसकी जमानत को बरकरार रखा गया।

पीड़ित परिवार के छलके आंसू

रक्षित चौरसिया ने अपनी कार सड़क पर चल रहे लोगों पर चढ़ा दी थी, जिसमें एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मृतक महिला के परिवार वालों ने गहरी निराशा जताई है। उन्होंने कहा, 'हमने अपना सदस्य खो दिया है। हम चाहते थे कि वह जेल में रहकर सबक सीखे, लेकिन उसे जमानत मिल गई। इससे हमें बहुत दुख हुआ है।'

हादसे के बाद भी नहीं था कोई पछतावा

इस एक्सीडेंट में कुल 8 लोग घायल हुए थे, जिनमें से एक महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद कार में बैठा उसका दोस्त भी उस पर भड़क गया था क्योंकि वह बहुत लापरवाही से गाड़ी चला रहा था। लेकिन आरोपी रक्षित ने कार से उतरकर अपने दोस्त समेत वहां मौजूद लोगों से झगड़ा करना शुरू कर दिया। नशा उतरने के बाद भी उसे अपनी गलती का कोई एहसास नहीं था। उसके इस बर्ताव के वीडियो भी काफी वायरल हुए थे।