Surendra Koli Family: निठारी कांड के सुरेंद्र कोली ने आत्महत्या कर ली है। इस बीच उसके परिवार को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। जानिए सुरेंद्र कोली के परिवार में कौन-कौन था? पत्नी, भाइयों और मां से जुड़ी पूरी जानकारी।

Surendra Koli Suicide: निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत ने उसके अतीत की एक और परत सामने ला दी है। जेल से बाहर आने के बाद वह गुमनाम जिंदगी जी रहा था। चाय का खोखा लगाया और महज कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई। लेकिन पहचान सामने आने की कहानी से ज्यादा चौंकाने वाली बात उसके परिवार से जुड़ी है। जानिए सुरेंद्र कोली की फैमिली में कौन-कौन हैं?

सुरेंद्र कोली की मौत के बाद दस्तावेजों से खुली असली पहचान

18 सितंबर 2026 को हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में एक चाय के खोखे के अंदर सुरेंद्र कोली का शव फंदे से लटका मिला। पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे आत्महत्या माना, लेकिन मौत की सटीक परिस्थितियां जांच का विषय हैं। पुलिस को उसके पास आधार कार्ड समेत कुछ दस्तावेज मिले। इन्हीं के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क किया गया। तब सामने आया कि मृतक कोई सामान्य चाय विक्रेता नहीं, बल्कि चर्चित निठारी कांड का आरोपी सुरेंद्र कोली था।

जेल से निकलने के बाद बदल गई सुरेंद्र कोली की जिंदगी

नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से आखिरी लंबित निठारी मामले में बरी होने के बाद कोली जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसकी जिंदगी बेहद लो-प्रोफाइल रही। रिपोर्टों के मुताबिक वह उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर छोटे-मोटे काम करके गुजारा कर रहा था। हरिद्वार के सिडकुल इलाके में खाने की ठेली लगाने के बाद वह करीब तीन दिन पहले भूपतवाला पहुंचा और यहां चाय का खोखा किराये पर लिया था।

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सुरेंद्र कोली की फैमिली में कौन-कौन, पत्नी, भाई, मां कहां?

अल्मोड़ा में उसके परिजनों से संपर्क किए जाने पर परिवार की ओर से ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक निठारी कांड में गिरफ्तारी के बाद उसकी पत्नी आखिरी बार 2006 में जेल में उससे मिलने गई थी। इसके बाद दोनों का रिश्ता खत्म हो गया और पत्नी ने हरियाणा में दूसरी शादी कर ली।

कोली के दो भाइयों के बारे में भी जानकारी सामने आई है। एक भाई दिल्ली में परिवार के साथ रहता है, जबकि दूसरा अल्मोड़ा में निजी स्कूल में शिक्षक है। पैतृक घर में रहने वाली उसकी मां का भी कुछ वर्ष पहले निधन हो चुका था। यानी जिस शख्स का नाम कभी देश के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में रहा, उसकी जिंदगी का आखिरी दौर लगभग गुमनामी में बीता।

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निठारी केस में क्या हुआ था?

कोली नोएडा के सेक्टर-31 में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर घरेलू कर्मचारी था। 2006 में निठारी इलाके में बच्चों और युवतियों के लापता होने तथा मानव अवशेष मिलने के बाद उसका नाम मामले की जांच के केंद्र में आया। कई मामलों में उसे दोषी ठहराया गया और मौत की सजा भी सुनाई गई। हालांकि बाद में अपीलों में तस्वीर बदली और अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कई मामलों में उसे बरी कर दिया। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद निठारी से जुड़े उसके खिलाफ सभी लंबित आपराधिक कार्यवाही खत्म हो गई।

इस पूरे मामले में जांच, सबूत और अदालती फैसलों को लेकर लंबे समय तक बहस होती रही। अलग-अलग मामलों की सुनवाई अलग स्तरों पर चली और कई फैसलों को ऊपरी अदालतों में चुनौती दी गई। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले के साथ कोली के खिलाफ निठारी से जुड़े मामलों की कानूनी लड़ाई समाप्त हो गई।