2005-06 के बहुचर्चित निठारी सीरियल मर्डर केस के सभी 13 मामलों से बरी हुए मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह वहां एक चाय की दुकान पर काम कर रहा था। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
Nithari Serial Murder Case: नोएडा के 2005-06 के बहुचर्चित निठारी सीरियल मर्डर केस में सभी आरोपों से बरी हो चुके सुरेंद्र कोली को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, सुरेंद्र कोली ने उत्तराखंड के हरिद्वार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शुक्रवार को हरिद्वार के उत्तरी हिस्से में सप्त सरोवर रोड पर स्थित लाल माता मंदिर के सामने एक चाय की दुकान पर उसका शव फंदे से लटका हुआ पाया गया। कोली की उम्र 50 वर्ष के आसपास थी और वह मूल रूप से उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के मंगरुखला गांव का निवासी था।
तीन दिन पहले हरिद्वार पहुंचा था कोली, चाय की दुकान पर कर रहा था काम
स्थानीय निवासियों से सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कोली करीब तीन दिन पहले ही हरिद्वार आया था। वह अपने परिवार से अलग रह रहा था और किसी अन्य व्यक्ति की चाय की दुकान पर काम कर रहा था। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने कोली के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है और उसके भाई से संपर्क कर आगे की जांच की जा रही है।
Nithari Case: 13 मामलों में आखिरी केस भी हुआ था खत्म
सुरेंद्र कोली की मौत ऐसे समय हुई है जब निठारी से जुड़े उनके खिलाफ लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई खत्म हो चुकी थी। 11 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए आखिरी लंबित मामले में उनकी सजा रद्द कर दी और उन्हें बरी कर दिया था। इससे पहले 12 अन्य मामलों में भी उनकी दोषसिद्धियां खत्म हो चुकी थीं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि समान साक्ष्य के आधार पर अलग-अलग नतीजे कायम नहीं रह सकते। अदालत ने यह भी माना कि अभियोजन की परिस्थितिजन्य कड़ी और साक्ष्यों से जुड़ी गंभीर कानूनी कमियां उनकी सजा बनाए रखने के लिए पर्याप्त नहीं थीं।
Nithari Kand: 2006 में मिले थे बच्चों के कंकाल
निठारी कांड दिसंबर 2006 में सामने आया था। नोएडा के निठारी में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घर के आसपास से मानव अवशेष मिलने के बाद मामला देशभर में चर्चा में आया। कोली उस घर में घरेलू सहायक के तौर पर काम करते थे। बाद में सीबीआई ने मामले की जांच की और कई अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए। कोली को शुरुआत में कई मामलों में दोषी ठहराया गया था और मौत की सजा सुनाई गई थी। लेकिन बाद में अदालतों में उनकी कई सजाएं खत्म हुईं। नवंबर 2025 के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निठारी से जुड़े उनके खिलाफ आखिरी लंबित आपराधिक मामला भी समाप्त हो गया था। अब उनकी मौत के हालात की पुलिस जांच कर रही है।
संदिग्ध परिस्थितियों की जांच में जुटी पुलिस
सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिहा किए जाने के एक साल के भीतर ही सुरेंद्र कोली की इस तरह संदिग्ध परिस्थिति में मौत होने से कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हरिद्वार पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी संभावित कोणों से मामले की बारीकी से जांच कर रही है।


