West Bengal First BJP CM Oath: पश्चिम बंगाल कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आज इतिहास अपनी करवट बदल रहा है। भारी किलेबंदी और 4000 जवानों के साये में शुभेंदु अधिकारी बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। आखिर इस भव्य समारोह और 'सोनार बांग्ला' के संकल्प के पीछे की असली सियासी बिसात क्या है?
Suvendu Adhikari Swearing-In Ceremony: पश्चिम बंगाल के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। दशकों तक वामपंथ और तृणमूल कांग्रेस के गढ़ रहे इस राज्य में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने जा रही है। कोलकाता का ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड उस पल का गवाह बनने के लिए तैयार है, जब सुवेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

मिशन 'सोनार बांग्ला': ऐतिहासिक सत्ता परिवर्तन का गवाह बना कोलकाता
विधानसभा की 294 सीटों में से 207 पर प्रचंड जीत हासिल करने के बाद, सुवेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री बनना बंगाल की राजनीति में एक भूकंप जैसा है। शपथ ग्रहण से पहले सुवेंदु ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि आज "दशकों के कुशासन का अंत" हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए उन्होंने इसे "सोनार बांग्ला" के आधिकारिक दौर की शुरुआत बताया है।
सुरक्षा का अभेद्य चक्रव्यूह और दिग्गजों का जमावड़ा
ब्रिगेड परेड ग्राउंड को किसी किले में तब्दील कर दिया गया है। सुबह से ही कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हजारों BJP कार्यकर्ताओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई बड़े नेता समारोह में शामिल होने पहुंचे। PM मोदी के मंच पर पहुंचते ही “जय श्रीराम” और “सोनार बांग्ला” के नारों से पूरा मैदान गूंज उठा। BJP इसे सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि “नए बंगाल” की शुरुआत के तौर पर पेश कर रही है। सुरक्षा के लिए 4000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया है, क्योंकि 1 लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद है।
सस्पेंस बरकरार: सुवेंदु के साथ कौन-कौन लेगा मंत्री पद की शपथ?
राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ा सस्पेंस मंत्रिमंडल को लेकर है। चर्चा है कि सुवेंदु अधिकारी के साथ भाजपा के कद्दावर नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष, तेजतर्रार नेता अग्निमित्रा पॉल, उत्तरी बंगाल का बड़ा चेहरा निशीथ प्रमाणिक और सिलीगुड़ी से विधायक शंकर घोष भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। इन नामों की मौजूदगी यह संकेत देती है कि भाजपा बंगाल के हर कोने को नई सरकार में संतुलित प्रतिनिधित्व देना चाहती है।
सांस्कृतिक छटा और बंगाल का स्वाद: शपथ ग्रहण की अनोखी तैयारी
यह केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति का उत्सव भी है। पूरे पंडाल को 'छऊ', 'बाउल' और 'गंभीरा' जैसी लोक कलाओं से सजाया गया है। मेहमानों के स्वागत के लिए दक्षिणेश्वर मंदिर की शैली वाली कलाकृतियां बनाई गई हैं। वहीं, खाने-पीने के शौकीन बंगालियों के लिए मैदान में 'झालमुड़ी', 'रसगुल्ला' और 'संदेश' के स्टॉल लगाए गए हैं, जो इस भव्य आयोजन को और भी यादगार बना रहे हैं।
'डबल इंजन' सरकार से नई उम्मीदें
बीजेपी नेता अर्जुन सिंह और दिलीप जायसवाल ने इसे "नए बंगाल" के सपने का साकार होना बताया है। 1982 में पहली बार चुनाव लड़ने वाली भाजपा के लिए 2016 में 3 सीटों से लेकर 2026 में 207 सीटों तक का सफर एक चमत्कार से कम नहीं है। अब सबकी नजरें सुवेंदु अधिकारी के संबोधन पर टिकी हैं, जहाँ वे अपनी सरकार का भविष्य का रोडमैप पेश करेंगे।


