स्वीडन में पत्नी को 100+ पुरुषों से संबंध बनाने को मजबूर करने पर 61 वर्षीय पति को 4 साल 5 महीने की जेल हुई। उसे धमकी व मारपीट का दोषी पाया गया। यौन शोषण में शामिल 28 अन्य लोगों को भी सज़ा मिली।
स्टॉकहोम: स्वीडन की एक अदालत ने 61 साल के एक शख्स को अपनी ही पत्नी को धमकाकर 100 से ज़्यादा मर्दों के साथ सोने के लिए मजबूर करने के जुर्म में जेल की सज़ा सुनाई है। उसे चार साल और पांच महीने जेल में बिताने होंगे। स्वीडन के पूर्वी तट पर स्थित हेर्नोसैंड (Hernösand) कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने आरोपी को बलात्कार की कोशिश, मारपीट, धमकी और वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने जैसे मामलों में दोषी पाया। इसके अलावा, पैसे देकर महिला का यौन शोषण करने वाले 28 अन्य लोगों को भी अदालत ने सज़ा दी है।

यह मामला स्वीडन के ओंगरमानलैंड (Ångermanland) का है। आरोपी ने कोर्ट में दलील दी कि उसने कुछ भी गलत नहीं किया और यह सब आपसी सहमति से हो रहा था, जिसमें वह सिर्फ मदद कर रहा था। लेकिन, सरकारी वकील की इस दलील को कोर्ट ने मान लिया कि आरोपी ने महिला का बेरहमी से शोषण किया था। सुरक्षा कारणों से पीड़ित महिला और आरोपी, दोनों की पहचान ज़ाहिर नहीं की गई है।
यह खौफनाक सिलसिला पूर्वी स्वीडन के क्रामफोर्स (Kramfors) में उनके एक सुनसान फार्म हाउस पर चला। यह दरिंदगी 2022 में शुरू हुई और अक्टूबर 2025 तक चलती रही, जब तक कि महिला ने पुलिस में शिकायत नहीं कर दी। आरोपी अपनी पत्नी को ड्रग्स देता था। घर के अकेलेपन और महिला के कम दोस्तों का फायदा उठाकर वह उसे कंट्रोल करता था। सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि घर में लगे CCTV कैमरों से भी वह लगातार उस पर नज़र रखता था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, पति अपनी पत्नी को धमकी देता था कि अगर उसने उसकी बात नहीं मानी तो वह उसे जान से मार देगा, पेट्रोल डालकर जला देगा और उसकी उंगलियां काट देगा। महिला घर के कैमरों की नज़र से बचकर एक रास्ते से भाग निकली और पुलिस को इस बारे में जानकारी दी।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पति अपनी पत्नी से कैमरे के सामने सेक्सुअल एक्ट करवाता था और उसे ऑनलाइन स्ट्रीम भी करता था। अदालत ने पाया कि वह ज़्यादा ग्राहक खोजने और पड़ोसियों को भी यौन संबंध बनाने के लिए उकसाने का दबाव डालता था। जज ने कहा कि वह गालियां देकर और मानसिक रूप से प्रताड़ित करके पत्नी को यह सब करने के लिए मजबूर करता था।
हालांकि, पुख्ता सबूतों के अभाव में अदालत ने उसे बलात्कार के 8 मामलों से बरी कर दिया। जेल की सज़ा के अलावा, कोर्ट ने उसे पीड़ित महिला को 2,00,000 क्रोनर (लगभग 16 लाख रुपये) का मुआवज़ा देने का भी आदेश दिया है। इस मामले में अधिकारियों ने 120 लोगों की पहचान की थी, लेकिन सिर्फ 29 के खिलाफ ही चार्जशीट दायर की गई। इनमें से 28 लोगों का जुर्म साबित हुआ, जिनमें से दो को कोर्ट ने जेल की सज़ा सुनाई है।
