CM Vijay Warning: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विपक्षी DMK को चेतावनी दी कि उन्हें मजबूर नहीं करो। नहीं तो वह पुरानी सरकार का ऐसा खुलासा करेंगे की हड़कंप मच जाएगा। मेरे पास सबकी सीक्रेट फाइलें हैं।

चेन्नई (तमिलनाडु): तमिलनाडु में बुधवार का दिन सियासी तौर पर काफी गर्म रहा। विधानसभा में सड़क बनाने के कामों में कथित घपले को लेकर सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) और विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के विधायक आमने-सामने आ गए। दोनों तरफ से जमकर आरोप-प्रत्यारोप हुए।

मुख्यमंत्री विजय की चेतावनी से टेंशन में कई नेता

बहस इतनी बढ़ गई कि मुख्यमंत्री विजय को बीच में आना पड़ा। उन्होंने DMK को चेतावनी देते हुए कहा, "मैं पिछली DMK सरकार के भ्रष्टाचार की फाइलें सही समय आने पर सामने लाऊंगा। मेरी मेज पर दो फाइलें रखी हैं। मुझे अभी ऐसा करने के लिए मजबूर न करें।"

विधानसभा में TVK और DMK की तीखी बहस

  • मंगलवार को भी विधानसभा में मुख्यमंत्री कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए जारी हुए 5.54 करोड़ रुपये के एक टेंडर को लेकर तीखी नोकझोंक हुई थी। DMK विधायक ईवी वेलु और लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन के बीच इस मुद्दे पर गरमा-गरम बहस हुई। TVK मंत्री ने इन आरोपों को गलत अखबार रिपोर्टों पर आधारित बताकर खारिज कर दिया।
  • DMK नेता वेलु ने टेंडर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए 5.54 करोड़ रुपये का टेंडर ऑनलाइन प्रकाशित ही नहीं किया गया।
  • वेलु ने कहा, "क्या मुख्यमंत्री को मौजूदा कमरे से ही काम नहीं करते रहना चाहिए? मुख्यमंत्री के ऑफिस बदलने की वजह से सचिवालय से जुड़े लोग कह रहे हैं कि उनके पास खाने या आराम करने की जगह नहीं बची है। वे पूछ रहे हैं, 'अगर मुख्यमंत्री यह जगह ले लेंगे तो हम कहां जाएंगे?' मुख्यमंत्री को इस पर विचार करना चाहिए।"
  • इसके जवाब में, लोक निर्माण मंत्री आधव अर्जुन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह हमदर्दी दिखाते हुए शक पैदा करने की कोशिश है।
  • अर्जुन ने कहा, "उन्होंने कहा कि टेंडर की खबर एक निजी अखबार में छपी थी। अगर हम पिछले पांच सालों में छपी सभी अखबारों की रिपोर्टों को देखें, तो ऐसी खबरें छपी हैं कि कोई कह सकता है कि इस विभाग में सिर्फ भ्रष्टाचार ही हुआ है।" (ANI)