Twisha Sharma CBI Chargesheet: ₹20 लाख का पोर्टफोलियो, चीनी शेयर बाजार में लगाने का दबाव और मौत से कुछ घंटे पहले की कॉल! जानिए ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के पीछे का वो खौफनाक सच जो CBI की चार्जशीट से बेनकाब हुआ है।
भोपाल: ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में CBI की चार्जशीट से एक ऐसा आर्थिक पहलू सामने आया है, जिसने जांच की दिशा को और गंभीर बना दिया है। चार्जशीट के मुताबिक, ट्विशा के डीमैट अकाउंट में करीब ₹20 लाख के इक्विटी निवेश थे और कथित तौर पर आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह की नजर इस रकम पर थी। CBI का दावा है कि ट्विशा पर इस निवेश को ट्रांसफर करने का दबाव बनाया गया था।
₹20 लाख का निवेश बना विवाद की वजह?
CBI के अनुसार, समर्थ कथित तौर पर ट्विशा के निवेश को चीनी शेयर बाजार में लगाने की योजना बना रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि ट्विशा ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। चार्जशीट में कहा गया है कि उसने अपने परिवार को बताया था कि यह पैसा उसके पिता का है। जांच के मुताबिक, इसी विवाद के बीच 7 अप्रैल 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की बागमुगलिया शाखा में समर्थ और ट्विशा के नाम से एक संयुक्त बैंक खाता खोला गया। हालांकि, CBI के अनुसार ट्विशा ने अपने निवेश की रकम ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया।
मौत से कुछ घंटे पहले हुई बातचीत में क्या सामने आया?
इस मामले में सबसे अहम कड़ी वह फोन कॉल बताई जा रही है, जो ट्विशा ने अपनी दोस्त राशि अब्रोल को 12 मई 2026 की शाम करीब 7:51 बजे की थी। CBI की चार्जशीट के मुताबिक, बातचीत में ट्विशा ने कहा था कि उसने वापस आने का फैसला किया है। उसने कथित तौर पर यह भी बताया कि समर्थ उस पर अपना निवेश ट्रांसफर करने का दबाव डाल रहा था, ताकि वह रकम चीनी शेयर बाजार में निवेश कर सके। चार्जशीट के अनुसार, इसी दिन बाद में ट्विशा की मौत हो गई। यही समय-क्रम अब जांच में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पिता ने भी पैसों को लेकर लगाए गंभीर आरोप
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने भी कथित वित्तीय दबाव का जिक्र किया है। उनके मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद ही समर्थ ने ट्विशा से पैसे मांगने शुरू कर दिए थे और चीन में निवेश के जरिए रकम दोगुनी होने की बात कही थी। उन्होंने दावा किया कि समर्थ और उसकी मां दोनों ट्विशा पर दबाव डाल रहे थे। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष आना बाकी है।
सिर्फ पैसे नहीं, नौकरी को लेकर भी कथित प्रताड़ना
CBI की चार्जशीट में आर्थिक विवाद के अलावा ट्विशा की नौकरी जाने के बाद कथित मानसिक प्रताड़ना का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी के मुताबिक, ट्विशा ने अपने माता-पिता को बताया था कि समर्थ नौकरी जाने को लेकर उसका मजाक उड़ाता था और उसकी अंग्रेजी को लेकर टिप्पणी करता था। CBI ने यह भी दावा किया है कि ट्विशा ने अपने परिवार को ससुराल में लगातार निगरानी और दबाव महसूस होने की बात बताई थी।
जांच अभी खत्म नहीं हुई, कई सवाल बाकी
₹20 लाख का डीमैट अकाउंट अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। CBI ने अदालत को बताया है कि कथित वित्तीय मांगों, दहेज के पहलुओं और दहेज से जुड़ी मौत की जांच आगे भी जारी रहेगी। इसके अलावा ट्विशा के मुख्य मोबाइल फोन से डेटा निकालने की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। CBI के मुताबिक, इस डिजिटल डेटा से आरोपियों के खिलाफ अतिरिक्त सबूत, अन्य संभावित लोगों की भूमिका या नए गवाहों के बारे में जानकारी मिल सकती है। यानी ₹20 लाख का यह निवेश सिर्फ एक वित्तीय विवाद नहीं, बल्कि CBI की जांच में ट्विशा की मौत से जुड़े घटनाक्रम की एक अहम कड़ी बनकर सामने आया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लंबित डिजिटल सबूत और आगे की जांच इस मामले में कौन-सी नई परत खोलती है।


