सत्य निकेतन इमारत हादसे में 6 मौतों के बाद मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ LOC जारी हुआ। हाई कोर्ट में PIL और PG-स्कूलों के सेफ्टी ऑडिट की तैयारी।
Satya Niketan Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के मामले में पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। सोमवार 7 सितंबर को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि हादसे में 6 लोगों की मौत के बाद इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब इमारत मालिक की तलाश तेज कर दी गई है। हादसे के बाद इलाके में रहने वाले लोगों ने इमारत की खराब हालत को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
क्या होता है लुकआउट सुर्कलर?
लुकआउट सर्कुलर (Lookout Circular या LOC) पुलिस या जांच एजेंसी की ओर से जारी किया जाने वाला एक ऑफिशियल अलर्ट होता है। इसका इस्तेमाल किसी ऐसे व्यक्ति की आवाजाही पर नजर रखने के लिए किया जाता है, जिसके खिलाफ किसी मामले में जांच या कानूनी कार्रवाई चल रही हो और उसके देश से बाहर जाने या विदेश से भारत आने की आशंका हो। अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज है और पुलिस को शक है कि वह देश छोड़कर भाग सकता है। ऐसे में संबंधित एजेंसी उसके खिलाफ LOC जारी करवा सकती है।
LOC का मतलब यह नहीं कि व्यक्ति दोषी ही है
यह बात महत्वपूर्ण है कि LOC जारी होना अपने आप में व्यक्ति को दोषी साबित नहीं करता। यह मुख्य रूप से जांच या कानूनी प्रक्रिया के दौरान व्यक्ति की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कदम है। सत्य निकेतन इमारत हादसे में मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ LOC जारी होने का मतलब है कि पुलिस ने उनकी आवाजाही, खासकर देश से बाहर जाने की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसका उद्देश्य उन्हें जांच और कानूनी प्रक्रिया से बचकर बाहर जाने से रोकना/उनकी मौजूदगी की सूचना संबंधित एजेंसी तक पहुंचाना हो सकता है।
PG, स्कूल और नर्सिंग होम का होगा स्ट्रक्चरल ऑडिट
- दिल्ली की मंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को कहा कि सरकार म्युनिसिपल कॉरपोरेशन के साथ मिलकर एक नई नीति तैयार करने पर काम कर रही है। इसके तहत लोगों के इस्तेमाल वाली इमारतों की सुरक्षा जांच को अनिवार्य किया जाएगा।
- उन्होंने बताया कि PG, नर्सिंग होम, स्कूल और अन्य पब्लिक यूज वाली इमारतों का समय-समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और सेफ्टी सर्टिफिकेशन कराना जरूरी होगा।
- रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने पर काम कर रही है, जिसमें तय समय पर इमारत की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच होगी।
- अगर किसी इमारत के पास जरूरी सेफ्टी सर्टिफिकेशन नहीं होगा, तो वहां किसी भी तरह की सार्वजनिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी।
असुरक्षित PG में रहने की नहीं होगी इजाजत
रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि सरकार किसी को भी असुरक्षित PG में रहने की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने बताया कि सत्य निकेतन की इमारत से निकाले गए लोगों के लिए कॉलेज हॉस्टल में रहने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा सरकार हादसे से प्रभावित परिवारों की भी मदद कर रही है। मंत्री ने कहा कि सरकार हादसे में प्रभावित छात्रों के माता-पिता के संपर्क में है और उनकी परेशानियों को कम करने के लिए हर संभव मदद दी जा रही है।


