Tamil Nadu Delimitation Meeting: तमिलनाडु में मुख्यमंत्री विजय की अध्यक्षता में परिसीमन पर हुई बैठक का राज्य की दो प्रमुख पार्टियों DMK और AIADMK ने बहिष्कार कर दिया. दोनों दलों ने इस बैठक को एक 'तमाशा' और 'नाटक' करार दिया है.
Vijay Meeting: तमिलनाडु की सियासत में उस वक्त हलचल मच गई जब मुख्यमंत्री विजय की बुलाई एक अहम बैठक से राज्य की दो सबसे बड़ी पार्टियों, DMK और AIADMK, ने किनारा कर लिया. यह बैठक विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन के मुद्दे पर चर्चा के लिए आयोजित की गई थी. लेकिन मुख्य विपक्षी दलों की गैर-मौजूदगी ने इस पूरी कवायद पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं.
दोनों ही पार्टियों ने इस बैठक में शामिल न होने का फैसला करते हुए इसे एक दिखावा करार दिया. DMK और AIADMK, दोनों ने संयुक्त रूप से इस बैठक को एक 'तमाशा' और 'नाटक' बताया. उनका आरोप था कि इस तरह की बैठकें सिर्फ खानापूर्ति के लिए की जा रही हैं.
क्यों दूर रहीं DMK और AIADMK?
विपक्षी दलों का बहिष्कार इस बैठक की सबसे बड़ी खबर बन गया. दोनों पार्टियों ने साफ तौर पर कहा कि वे इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं, जिसे वे गंभीरता से नहीं लिया गया मानती हैं. उनके मुताबिक, परिसीमन जैसे गंभीर मुद्दे पर इस तरह की बैठक बुलाना सिर्फ एक सियासी स्टंट है.
हालांकि, दिलचस्प बात यह है कि बहिष्कार के बावजूद दोनों पार्टियों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे परिसीमन के विचार के पूरी तरह से खिलाफ नहीं हैं. उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि उनकी आपत्ति प्रक्रिया को लेकर है, न कि खुद परिसीमन की अवधारणा से. यह अपने आप में तमिलनाडु की राजनीति के एक नए समीकरण की ओर इशारा करता है.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या बिना मुख्य विपक्षी दलों की सहमति के परिसीमन की प्रक्रिया आगे बढ़ पाएगी. फिलहाल, मुख्यमंत्री विजय की तरफ से बैठक तो हो गई, लेकिन DMK और AIADMK की गैर-मौजूदगी ने इस पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है.
