नाशिक TCS में 'कॉरपोरेट जिहाद' के आरोपों के बाद कंपनी ने आरोपियों को सस्पेंड कर दिया है। महिला कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने के आरोप में 7 लोग गिरफ्तार हुए हैं और 9 FIR दर्ज की गई हैं।
मुंबई: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के ऑफिस में 'कॉरपोरेट जिहाद' के आरोपों ने हड़कंप मचा दिया है। इस मामले पर अब कंपनी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। टीसीएस ने कहा है कि वह इस तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती को लेकर 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाती है। कंपनी ने यह भी बताया कि जांच पूरी होने तक सभी आरोपियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
कंपनी के मुंबई स्थित हेडक्वार्टर से जारी एक बयान में कहा गया, "कंपनी किसी भी तरह के उत्पीड़न या जबरदस्ती के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस रखती है। हम अपने ऑफिस में कर्मचारियों के लिए हमेशा एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करते हैं। नासिक की घटना की जानकारी मिलते ही तुरंत कार्रवाई की गई है। जांच पूरी होने तक इसमें शामिल लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। हमारी संस्था कानून लागू करने वाली एजेंसियों को पूरा सहयोग दे रही है।"
आरोप है कि टीसीएस के बीपीओ डिवीज़न में महिला कर्मचारियों को 2022 से ही यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। उन्हें सैलरी हाइक और प्रमोशन का लालच देकर नमाज़ पढ़ने और धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इस मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने जांच के लिए एक स्पेशल टीम भी बनाई है और एक एचआर मैनेजर समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
इस बीच, महाराष्ट्र आईटी कर्मचारी संघ ने केंद्रीय श्रम मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी है। संघ ने मांग की है कि महाराष्ट्र की दूसरी आईटी कंपनियों में भी इस तरह की घटनाओं की जांच की जाए।
