Tej Pratap Yadav Judicial Custody : NEET पेपर लीक मामले में धर्मेंद्र प्रधान ने जहां इस्तीफा दे दिया। वहीं दूसरी तरफ इसी केस को लेकर लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल (JJD) के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पटना. बिहार से आई बड़ी खबर ने हर किसी को हैरान कर दिया है। जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। हैरानी की बात यह है कि यह फैसला पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आया। पटना से लेकर दिल्ली तक अब तेज प्रताप के जेल जाने की चर्चा है। बताया जाता है कि उनके खिलाफ यह कार्रवाई पटना के गांधी मैदान में NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के मामले में की गई है।
- बता दें कि तेज प्रताप यादव के वकील जगन्नाथ सिंह ने बताया कि सोमवार को जमानत के लिए अर्जी दी जा सकती है। उन्होंने गिरफ्तारी की प्रक्रिया में गड़बड़ी का भी आरोप लगाया।
पटना के इस मॉल से गिरफ्तार हुए तेज प्रताप
- सिंह ने पत्रकारों से कहा, "FIR 26 जुलाई को दर्ज की गई, जबकि गिरफ्तारी 25 जुलाई को शाम 7:30 बजे सिटी सेंटर मॉल से हुई। मैंने जज साहब से उनकी रिहाई के लिए एक आवेदन दिया था। उन्होंने कहा कि सोमवार को जमानत की प्रक्रिया पूरी करें। मैं सुबह 10:30 बजे नौबतपुर थाने पहुंचा था। वहां 2 SP मौजूद थे। मैंने उनसे गिरफ्तारी का कारण पूछा। उनके परिवार वालों को भी नहीं पता था कि वह शाम 7:30 बजे से गिरफ्तार हैं। हमें अभी तक FIR की कॉपी भी नहीं मिली है।"
- यादव को बिहार पुलिस ने शनिवार को हिरासत में लिया था। उस दिन वह पटना में बिहार बंद के दौरान NEET पेपर लीक पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ शामिल हुए थे।
तिरंगा पकड़कर विरोध करना अपराध है क्या?
- इस गिरफ्तारी पर JJD की बांकीपुर उपचुनाव की उम्मीदवार वीणा मानवी ने पुलिस की कार्रवाई के समय और इरादों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा अगर हमने थोड़ा विरोध कर दिया तो क्या गलत है?... उन्होंने क्या अपराध किया? अगर बच्चों के बीच एक बार तिरंगा दिखा दिया तो क्या यह अपराध था? और अगर आपकी नजर में कोई अपराध था भी, तो उन्हें वहीं से ले जाना चाहिए था। लेकिन जब वह शाम को परिवार के साथ समय बिता रहे थे, शॉपिंग कर रहे थे, तब उन्हें उठाने का क्या मतलब है? मुझे भी इसका कारण नहीं पता।"
- हिरासत में लिए जाने के दौरान तेज प्रताप यादव ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन किया था और सरकार से उनकी चिंताओं को दूर करने का आग्रह किया था।
- यादव ने पत्रकारों से कहा था, "बच्चों की मांगें जायज हैं। सरकार को उनकी मांगें पूरी करनी चाहिए, और हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। मैं छात्रों और युवाओं के लिए अपनी जान देने को तैयार हूं।"
पुलिस बूथ में तोड़फोड़ हुई तो दागे गैस के गोले
- यह कार्रवाई शनिवार को पटना में हुई हिंसा के बाद हुई है। NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों पर हालिया पुलिस कार्रवाई को लेकर कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था।
- पटना में प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर एक ट्रैफिक पुलिस बूथ में तोड़फोड़ की गई। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प से माहौल तनावपूर्ण हो गया। पत्थरबाजी भी हुई, और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
- पूरे बिहार में ये प्रदर्शन 'बिहार बंद' के आह्वान पर हुए। छात्र शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित धांधली पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
- प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की और पटना में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ की और उन्हें पलट दिया, जिसके बाद प्रभावित इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया।


