Hormuz Oman Deal News: होर्मुज में हालात फिर से गरमा गए हैं। UAE का आरोप है कि ईरान ने उसकी सरकारी तेल कंपनी ADNOC के एक और जहाज को निशाना बनाया है। वहीं, ईरान और कतर के बीच पायलटों की हिरासत को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ईरान का दावा है कि उसके तीन पायलट कतर में कैद हैं, जबकि कतर इस बात से साफ इनकार कर रहा है।

Hormuz Oman Deal News: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लंबे समय से जारी तनाव के बीच ईरान और ओमान ने समुद्री यातायात को मैनेज करने के लिए एक अहम समझौता किया है। इसके तहत होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों के लिए अलग-अलग एंट्री और एग्जिट रूट तय किए गए हैं। इसे रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग पर हालात सामान्य करने की दिशा में एक अहम कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।

जहाजों की आवाजाही के लिए बनाए गए अलग कॉरिडोर

समझौते के मुताबिक, ईरान होर्मुज में आने वाले कमर्शियल जहाजों के ट्रैफिक को संभालेगा, जबकि बाहर निकलने वाले जहाजों की निगरानी की जिम्मेदारी ओमान के पास होगी। दोनों देशों ने संभावित टकराव और सुरक्षा संबंधी घटनाओं को रोकने के लिए अलग-अलग शिपिंग कॉरिडोर तय किए हैं।

तकनीकी नियमों को अंतिम रूप देने की तैयारी

फिलहाल ईरान और ओमान की तकनीकी टीमें इन नए समुद्री रूट्स को लागू करने की तैयारियों में जुटी हैं। इनमें कम्युनिकेशन सिस्टम, जहाजों के संचालन और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े नियम शामिल हैं। इन व्यवस्थाओं पर सहमति बनने के बाद दोनों देशों की ओर से संयुक्त औपचारिक बयान जारी किए जाने की संभावना है।

क्या अब पूरी तरह खुल जाएगा Strait of Hormuz?

हालांकि, इस समझौते का मतलब यह नहीं है कि होर्मुज से सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही तुरंत सामान्य हो जाएगी। ईरान का कहना है कि पूरी तरह कमर्शियल नेविगेशन बहाल करने के लिए अमेरिका को अपनी नौसैनिक नाकाबंदी, सैन्य दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करना होगा।

होर्मुज का रास्ता खुला, लेकिन पूरी तरह नहीं

ऐसे में ईरान और ओमान के बीच तय किए गए नए शिपिंग रूट को सामान्य स्थिति की ओर पहला कदम माना जा सकता है, लेकिन समुद्री यातायात पूरी तरह बहाल होने के लिए अभी कूटनीतिक स्तर पर कई मुद्दों का समाधान जरूरी है। यानी जहाजों की आवाजाही के लिए नया नक्शा तैयार हो गया है, लेकिन पूरी तरह सामान्य शिपिंग का रास्ता अभी साफ नहीं हुआ है।

दुनिया के तेल बाजार के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा समुद्री मार्गों में से एक है। इस रास्ते से वैश्विक पेट्रोलियम सप्लाई का करीब 20 फीसदी हिस्सा गुजरता है। इसके अलावा बड़ी मात्रा में LNG यानी लिक्विफाइड नेचुरल गैस की सप्लाई भी इसी समुद्री मार्ग के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।

तनाव बढ़ने से तेल और शिपिंग पर असर

होर्मुज में लंबे समय से जारी तनाव और जहाजों की आवाजाही में आई रुकावट का असर सिर्फ समुद्री व्यापार तक सीमित नहीं है। इससे तेल बाजार में चिंता बढ़ी है और शिपिंग इंश्योरेंस की लागत भी बढ़ी है। ऐसे में ईरान-ओमान का यह समझौता क्षेत्रीय तनाव कम करने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।